Friday, November 22nd, 2019

हिमाचल इनवेस्टर्स मीट: 85 हजार करोड़ रुपये के निवेश की राज्य सरकार को उम्मीद

धर्मशाला

    हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला शहर में इन्वेस्टर्स मीट का आयोजनपीएम नरेंद्र मोदी ने किया इस निवेश सम्मेलन का उद्घाटनराज्य सरकार 85 हजार करोड़ रुपये के निवेश की उम्मीद कर रही है

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में आयोजित 'ग्लोबल इन्वेस्टर्स मीट 2019' का उद्घाटन किया. हिमाचल इन्वेस्टर्स मीट से राज्य सरकार 85 हजार करोड़ रुपये के निवेश के समझौते की उम्मीद कर रही है. हिमाचल प्रदेश के शहर धर्मशाला में 7 से 8 नवंबर तक 'राइजिंग हिमाचल: द ग्लोबल इनवेस्टर्स मीट 2019' का आयोजन किया जा रहा है.

पीएम मोदी ने कहा कि इन दिनों सरकारें निवेश के लिए बेहतर इकोसिस्टम बनाने की स्पर्धा में आगे आ रही हैं. राज्यों के बीच एक अच्छी स्वस्थ स्पर्धा नजर आ रही है. मुझे खुशी है कि इसी सोच के साथ हिमाचल प्रदेश सरकार भी काम कर रही है.

क्या कहा राज्य के सीएम ने

पहले दिन इन्वेस्टर्स मीट में देश-विदेश के 200 डेलीगेट्स सहित 1700 से अधिक प्रतिनिधि पहुंचे हैं. कुछ महीनों पहले उद्योग चैंबर सीआईआई के एक कार्यक्रम में राज्य के सीएम जयराम ठाकुर ने बताया था, 'हिमाचल प्रदेश देश में सबसे ज्यादा 70 फीसदी वन क्षेत्र वाला राज्य है और इसमें निवेश का जबरदस्त अवसर है. इस समिट के द्वारा हम उम्मीद कर रहे हैं कि सभी सेक्टर के लोग आएंगे और राज्य को तेज गति वाली अर्थव्यवस्था बनाने में मदद करेंगे.'

देश के दिग्गज कारोबारियों को इस समिट में आने और निवेश का न्योता देने के लिए हिमाचल के सीएम जून महीने में मुंबई गए थे. उन्होंने रतन टाटा, मुकेश अंबानी, आदि गोदरेज, आनंद महिंद्रा आदि से मुलाकात की थी. सीएम की इस मुंबई यात्रा के दौरान ही राज्य में निवेश के लिए कई एमओयू पर दस्तखत हुए थे.

इसके अलावा हिमाचल का डेलीगेशन निवेश के लिए कारोबारियों को आकर्षित करने के लिए जर्मनी, संयुक्त अरब अमीरात, नीदरलैंड भी गया था और वहां रोड शो आयोजित किए गए थे. राज्य सरकार खासकर टूरिज्म, फूड प्रोसेसिंग, इन्फ्रास्ट्रक्चर एवं लॉजिस्ट‍िक्स, फार्मास्यूटिकल्स आदि में निवेश जुटाने की कोशिश कर रही है.

महिंद्रा हॉलिडेज और रिजॉर्ट्स ने राज्य में रिजॉर्ट्स और वेलनेस रिजॉर्ट्स की स्थापना के लिए 300 करोड़ रुपये के निवेश का समझौता किया है.

क्या हैं राज्य की खूबियां

गौरतलब है कि हिमाचल प्रदेश तेज सामाजिक-आर्थ‍िक विकास के रास्ते पर आगे बढ़ने की कोशिश कर रहा है और राज्य सरकार कृषि इकोनॉमी वाले राज्य को इंडस्ट्री और सर्विस आधारित इकोनॉमी बनाने की कोशिश में लगी है. इसके लिए राज्य सरकार एग्री बिजनेस, फूड प्रोसेसिंग एवं पोस्ट हार्वेस्ट टेक्नोलॉजी, मैन्युफैक्चरिंग एवं फार्मास्यूटिकल्स, टूरिज्म, हॉस्पिटलिटी एवं सिविल एविएशन, हाइड्रो एवं रीन्यूबल एनर्जी, वेलनेस, हेल्थकेयर, इन्फ्रास्ट्रक्चर, आईटी आदि में निवेश हासिल करने की कोशिश कर रही है.

प्रदेश सरकार का दावा है कि राज्य में औद्योगिक बिजली देश में सबसे सस्ती है और राज्य सरकार परियोजनों की तेज मंजूरी, इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास, जैसी खुली और प्रगतिशील नीतियां अपना रही है. राज्य सरकार 'मेक इन इंडिया' की तर्ज पर 'मेक इन हिमाचल' अभियान को बढ़ावा दे रही है. 

Source : Agency

आपकी राय

7 + 9 =

पाठको की राय