गिरते रुपये पर बोले अरुण जेटली, सबसे तेजी से बढ़ रही अर्थव्यवस्था, न हों परेशान

नई दिल्ली 
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बुधवार को कहा कि रुपये की गिरती कीमत से भारत जैसी अर्थव्यवस्था को इतनी जल्दी घबराने की जरूरत नहीं है। कैबिनेट मीटिंग के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए जेटली ने तेल की बढ़ती कीमत, राफेल डील, जनधन खातों आदि पर भी बातचीत की। जेटली ने कहा कि गिरते रुपये के पीछे कोई घरेलू नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय कारण हैं। 
 
पूछे गए सवाल पर जेटली ने कहा, 'अगर आप अंतरराष्ट्रीय या घरेलू स्तर पर देखेंगे तो रुपये के गिरने के पीछे कोई घरेलू वजह नही है। सभी वजहें अंतरराष्ट्रीय हैं।' जेटली ने आगे कहा, 'हमें यह ध्यान रखना चाहिए कि डॉलर के मुकाबले सभी करंसी टूटी हैं। हालांकि, उस वक्त में भी रुपया या तो कम गिरा या फिर स्थिर बना रहा।' मजबूत होते डॉलर के पीछे वित्त मंत्री जेटली ने यूएस की मजबूत पॉलिसी को कारण बताया। जेटली ने आगे कहा कि सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था को इतनी जल्दी घबराने की जरूरत नहीं है। 

 
पेट्रोल-डीजल पर राहत का संकेत नहीं 
जेटली ने बुधवार को भी पेट्रोल-डीजल की आसमान छूती कीमतों में राहत देने के लिए उत्पाद शुल्क में कटौती के कोई संकेत नहीं दिए। उन्होंने कहा कि कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में उतार-चढ़ाव हो रहा है और इनमें कोई तय बदलाव नहीं दिख रहा है। जेटली ने कांग्रेस शासनकाल के दौरान पेट्रोल-डीजल की बढ़ी कीमतों की सुषमा स्वराज और उनके खुद के द्वारा की गई आलोचना का बचाव भी किया। 

जेटली बोले कि उस वक्त मुद्रास्फीति दहाई अंकों में थी। अगर हम उस समय आलोचना नहीं करते तो यह कर्तव्यों से विमुख होना होता। उन्होंने कहा कि भारत कच्चे तेल का शुद्ध खरीदार है और जब इसकी कीमतें अल्पकालिक तौर पर भी ऊपर जाती हैं, भारत पर गहरा प्रतिकूल असर होता है। 

राफेल पर कांग्रेस को घेरा 
वहीं राफेल पर सवाल पूछे जाने पर जेटली ने कहा कि कांग्रेस और उनके अध्यक्ष राहुल गांधी के पास जानकारी का आभाव है। वित्त मंत्री ने कहा कि इस वक्त भारत को मिल रहे राफेल विमान की कीमत कांग्रेस के समय में हुए सौदे से 9 प्रतिशत कम है वहीं अगर उसे फाइटर जेट की तकनीक के साथ देखा जाए तो भी वह आज के करंसी वैरिएशन, इतने सालों के गैप के बाद भी 20 प्रतिशत सस्ता है। 

जेटली ने यह भी कहा कि राफेल सौदे में किसी निजी दल का कोई योगदान नहीं है और 36 जहाज फ्रांस में ही बनेंगे और वहां से उड़कर भारत आएंगे। जेटली बोले, 'यहां उनमें एक पेच भी नहीं लेगेगा तो घोटाला कैसा।'

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