Business News : देश में 1 अप्रैल से लागू होंगे नए एमिशन नॉर्म्स, कई पॉपुलर कारें हो जाएंगी बंद

Business News : भारत के मेट्रो शहर (दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु...) आजकल पॉल्यूशन की मार झेल रहे हैं. सरकार प्रदूषण कम करने के लिए नए एमिशन नॉर्म्स लाने वाली है. इसका सीधा असर ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री पर पड़ेगा.

Latest Business News : उज्जवल प्रदेश, नई दिल्ली. भारतीय बाजार में जल्द ही कुछ पॉपुलर कारों को बंद किया जा सकता है. इस लिस्ट में Maruti Suzuki, Tata और Hyundai समेत कई कारें शामिल हैं. ऐसा 1 अप्रैल 2023 से लागू होने वाले नए एमिशन नॉर्म्स की वजह से हो रहा है.

दरअसल केंद्र सरकार अगले महीने अपडेटेड BS6 Phase 2 RDE नॉर्म्स लागू करने वाली है. इसके चलते ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री को कुछ बदलावों से गुजरना होगा. आजकल ज्यादातर लोग कारों, टू-वीलर्स और दूसरे वाहनों से निकलने वाली ग्रीनहाउस गैसों से प्रभावित हैं. ऐसे में प्रदूषण के असर को कम करने के लिए ये नए नियम लागू किए जा रहे हैं.

BS6 Phase 2 के तहत, रियल ड्राइविंग एमिशन (RDE) और CAFE 2 (कॉर्पोरेट एवरेज फ्यूल एमिशन) रूल्स को लागू किया जाएगा. इसके जरिए कुछ आदर्श स्थितियों और रियल में इस्तेमाल हो रहे व्हीकल्स के एमिशन लेवल को परखा जाएगा. अब टू-वीलर्स के लिए ऑन-बोर्ड डायग्नोस्टिक्स (OBD 2) नॉर्म्स लागू होंगे. इसके जरिए स्कूटर और बाइक्स के एमिशन की निगरानी की जाएगी.

BS6 Phase 2 नॉर्म्स का भारत पर असर

नए नियमों की शर्तों को पूरा करने के लिए सभी ऑटोमोबाइल कंपनियों को अपनी पेट्रोल-डीजल गाड़ियों को अपडेट करना होगा. इस अपडेट में RDE डायग्नोस्टिक डिवाइस और प्रोग्राम्ड फ्यूल इंजेक्टर शामिल होंगे. कुल मिलाकर कंपनियों की मौजूदा असेंबली को बदलने की जरूरत होगी. वहीं ऐसा करने से डेवलप कॉस्ट बढ़ेगी. इसका सीधा असर व्हीकल्स की कीमत पर पड़ेगा.

ये पॉपुलर कारें हो जाएगी बंद

एक तरफ जहां ज्यादातर कारों को नए नॉर्म्स की वजह से अपडेट किया जाना है, वहीं दूसरी तरफ कंपनियां अपने कुछ पुराने मॉडल्स को बंद करने जा रही हैं. बंद होने वाली कारों में Tata Altroz, Hyundai i20, Honda City, Jazz, Amaze, WR-V के डीजल मॉडल और Maruti Suzuki Alto 800, Nissan Kicks, SKODA SUPERB, OCTAVIA के पेट्रोल मॉडल शामिल हैं.

गाड़ियों का वैलिड फिटनेस सर्टिफिकेट होना जरूरी

बता दें भारतीय सड़कों पर चल रहे व्हीकल्स का वैलिड फिटनेस सर्टिफिकेट होना जरूरी है. वहीं एक्सपायर फिटनेस सर्टिफिकेट वाली गाड़ियों को या तो दोबारा फिटनेस टेस्ट देना होगा या फिर MoRTH की नई Vehicle Scrapping Policy के तहत व्हीकल को बंद करना होगा.

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