डीमैट खाते पहली बार 10 करोड़ के पार, शेयर बाजार में पैसा लगाने वालों की संख्या में तेज इजाफा

नई दिल्ली
देश में डीमैट खातों की संख्या पहली बार अगस्त 2022 में 10 करोड़ के पार पहुंच गई। डिपॉजिटरी फर्म एनएसडीएल और सीडीएसएल के आंकड़ों में यह बात सामने आई है। इसके मुताबिक बीते अगस्त में 22 लाख नए डीमैट खाता खोले गए, जो पिछले चार महीनों का सबसे अधिक है। इसके साथ ही देश में कुल डीमैट खातों की संख्या 10.05 करोड़ पहुंच गई।
 
विशेषज्ञों का कहना है कि इसमें खुदरा यानी छोटे निवेशकों का योगदान सबसे अधिक है। इसी का परिणाम है कि देश में खुदरा निवेशकों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। मार्च 2020 तक देश में कुल 4.09 करोड़ डीमैट खाता थे। महज तीन साल में इनमें ढाई गुना से अधिक का इजाफा हुआ है। डीमैट खाता की संख्या में तेजी इस बात का संकेत है कि देश में शेयर बाजार में पैसा लगाने वालों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।

क्या है डीमैट खाता
बता दें कि शेयरों और सिक्योरिटीज को इलेक्ट्रॉनिक रूप से जिन खातों में रखा जाता है, उसे डीमैट खाता कहते हैं। शेयर बाजार यानी सेंसेक्स और निफ्टी से स्टॉक खरीदने या बेचने के लिए डीमैट खाते का होना जरूरी है। डीमैट को छोड़कर किसी अन्य रूप में शेयरों को बेचा या खरीदा नहीं जा सकता है।

 खुदरा निवेशकों का बढ़ना अच्छा संकेत
आईआईएफएल के उपाध्यक्ष अनुज गुप्ता ने बताया कि डीमैट खातों की संख्या में इजाफा खुदरा निवेशकों की बाजार में हिस्सेदारी बढ़ने का संकेत है। खुदरा निवेशकों की हिस्सेदारी बढ़ने विदेशी निवेशकों पर निर्भरता घटेगी और यह बाजार के तेज उतार-चढ़ाव को रोकने में भी मददगार होगी।

क्यों हो रहा इजाफा

कोरोना महामारी में लॉकडाउन के कारण लोगों के पास पहले से अधिक खाली समय मिला
घर से काम करना पड़ा और बाहर निकलने के मौकों की कमी आई
डीमैट अकाउंट घर बैठे आसानी से खोलने की सुविधा मिली
 बैंकों की तरफ से एफडी पर कम ब्याज, ऐप से शेयरों में निवेश की सुविधा

 

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