धनतेरस तक सोने का भाव 46,000 रुपये तक हो जाएगा-मनीकंट्रोल की रिपोर्ट

नई दिल्‍ली
 देश मे अब त्‍योहारों का सीजन शुरू हो चुका है. गणेश चतुर्थी के साथ ही फेस्टिव सीजन की शुरुआत हो जाती है. त्‍योहारी सीजन में सोना खरीदना काफी शुभ माना जाता है. यही कारण है कि बहुत से लोग अब सोना खरीदने का प्‍लान बना रहे हैं. लेकिन, उनके मन में कीमतों का लेकर सवाल उमड़ रहे हैं. पिछले कुछ दिनों में सोने और चांदी के भाव गिरे हैं.

अब सबसे मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्‍या दीवाली और धनतेरस तक सोने का भाव गिरेगा या फिर इसमें उछाल आएगा. पिछले साल धनतेरस पर 24 कैरेट शुद्धता वाले सोने का भाव 56,500 रुपये प्रति 10 ग्राम था. दिल्ली सर्राफा बाजार में शुक्रवार को सोने के दाम 50,729 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ. इस तरह पिछले धनतेरस के मुकाबले सोने का भाव फिलहाल काफी नीचे आ गया है.

आगे गिरावट की संभावना
मनीकंट्रोल की एक रिपोर्ट के अनुसार ओरिगो ई मंडी के असिस्टेंट जनरल मैनेजर, कमोडिटी रिसर्च, तरुण तत्संगी का कहना है कि सर्राफा बाजार में सोने का भाव 46,000 रुपये तक आ सकता है. इसका कारण बताते हुए तरुण कहते हैं कि वैश्विक और घरेलू मार्केट में फिलहाल कोई ऐसा फैक्‍टर नजर नहीं आ रहा, जिससे सोने के भाव को सहारा मिले. पहले रूस और यूक्रेन की जंग की वजह सोने के कीमतों में तेजी आई थी, लेकिन अब इस तनाव का असर भी जाता रहा है.

मंदी का भी नहीं मिलेगा सहारा
तरुण का कहना है कि यूरोपीय और अमेरिका में मंदी आने की आशंका जताई जा रही है. लेकिन अगर मंदी आती भी है तो इसका असर सोने की कीमतों पर नहीं होगा. उन्‍होंने कहा कि 2008 में आई मंदी से निपटने को अधिकतर देश तैयार नहीं थे. इसी वजह से इसका ज्‍यादा असर हुआ. लेकिन इस बार ज्‍यादातर देश मंदी से निपटने के लिए कमर कस चुके हैं.

मजबूत अमेरिकी डॉलर नहीं बढ़ने दे रहा भाव
ट्रेडबुल्स सिक्योरिटीज के वरिष्ठ कमोडिटी करेंसी एक्सपर्ट भाविक पटेल का कहना है कि मल्‍टी कमोडिटी एक्‍सचेंज पर सोना चार सप्ताह के निचले स्तर पर कारोबार कर रहा है. ऐसा भारतीय रुपये के अमेरिकी डॉलर के मुकाबले कमजोर होने की वजह से हुआ है. कॉमेक्‍स पर भी सोना छह सप्ताह के निचले स्तर पर कारोबार कर रहा है. उनका कहना है कि इस साल सोने की कीमतों में बढ़ोतरी होने की संभावना बहुत कम है. अमेरिकी डॉलर इंडेक्‍स में मजबूती और बॉन्‍ड यील्‍ड बढ़ने से सोने में निवेश घटा है. यह ट्रेंड आगे भी जारी रह सकता है.

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