रिलायंस इंडस्ट्रीज ने फ्यूचर ग्रुप के साथ कैंसिल की डील

नई दिल्ली
 रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (Reliance Industries Limited) ने फ्यूचर समूह (Future Group) के साथ अपने 24,713 करोड़ रुपये के सौदे को कैंसिल कर दिया है। आरआईएल ने कहा है कि इस सौदे को सुरक्षित कर्जदाताओं की बैठक में मंजूरी नहीं मिलने के बाद क्रियान्वित नहीं किया जा सकता है। रिलायंस इंडस्ट्रीज ने शेयर बाजारों को भेजी गई सूचना में कहा कि फ्यूचर रिटेल लिमिटेड (FRL) और फ्यूचर समूह की अन्य कंपनियों ने इस सौदे की मंजूरी के लिए हुई बैठकों के नतीजों से अवगत कराया है। इसके मुताबिक, सौदे को शेयरधारकों एवं असुरक्षित कर्जदाताओं ने बहुमत से स्वीकार कर लिया है लेकिन सुरक्षित ऋणदाताओं ने प्रस्ताव को नकार दिया है।

रिलायंस इंडस्ट्रीज ने अपने बयान में कहा, ‘‘एफआरएल के सुरक्षित ऋणदाताओं ने प्रस्तावित योजना के खिलाफ मतदान किया है। ऐसी स्थिति में इस योजना को आगे क्रियान्वित नहीं किया जा सकता है।’’

रिलायंस ने कहा-अब संभव नहीं
रॉयटर्स की खबर के मुताबिक Reliance Industries ने शनिवार को एक रेग्युलेटरी अपडेट में कहा, 'फ्यूचर रिटेल के अनसिक्योर्ड क्रेडिटर्स और शेयरहोल्डर्स ने इस डील के पक्ष में मतदान दिया है. लेकिन कंपनी के सिक्योर्ड क्रेडिटर्स के इस डील के खिलाफ वोट देने से 'अब इस डील को पूरा नहीं किया जा सकता है.'

69.29% क्रेडिटर्स ने खारिज की डील
फ्यूचर रिटेल ने शुक्रवार को अपडेट दिया था कि इस डील पर शेयरहोल्डर्स और क्रेडिटर्स की मंजूरी लेने की वोटिंग प्रक्रिया उसने पूरी कर ली है.

सिक्योर्ड क्रेडिटर्स की कैटेगरी में इस डील के पक्ष में 30.71% वोट पड़े. जबकि 69.29% ने इसका विरोध किया है.

वहीं शेयर होल्डर्स की कैटेगरी में डील के पक्ष में 85.94% और विरोध में 14.06% वोट पड़े. वहीं अनसिक्योर्ड क्रेडिटर्स में 78.22% इसका पक्ष लिया तो 21.78% इसके विपक्ष में रहे.

चाहिए थे 75% के बराबर वोट
किसी कंपनी के लिए सिक्योर्ड क्रेडिटर्स काफी अहम होते हैं, क्योंकि कंपनी के एसेट बिकने की नौबत आने पर पेमेंट के मामले में उन्हें अनसिक्योर्ड क्रेडिटर्स के ऊपर वरीयता मिलती है.

ऐसे में नियम के मुताबिक इस डील को पूरा करने के लिए कंपनी को बैठक में मौजूद सभी क्रेडिटर्स में से 51% के वोट पक्ष में चाहिए थे. लेकिन इन 51% क्रेडिटर्स द्वारा कंपनी को दिए गए कर्ज का मूल्य कुल कर्ज के 75% के बराबर होना चाहिए. कंपनी के कुल कर्ज में 80% हिस्सेदारी स्थानीय बैंकों की है.

Amazon के साथ लंबा चला विवाद
Reliance ने देश के रिटेल सेक्टर में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए अगस्त 2020 में Future Group के रिटेल बिजनेस को खरीदने की 24,713 करोड़ रुपये की डील की थी. लेकिन इस मामले में ई-कॉमर्स कंपनी Amazon ने एक कानूनी पेंच फंसा दिया. इसके बाद मामला सिंगापुर की मध्यस्थता अदालत से लेकर प्रतिस्पर्धा आयोग और देश की सर्वोच्च अदालत तक गया. लेकिन नतीजा नहीं निकल सका.

इसके बाद रिलायंस ने हाल में कंपनी के Big Bazaar और अन्य स्टोर का लीज डॉक्यूमेंट गिरवी होने के नाम पर टेकओवर करना शुरू कर दिया. इस डील को लेकर विवाद यहीं नहीं थमा. इससे जुड़े एक मामले में नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) ने 28 फरवरी 2022 को फ्यूचर ग्रुप को एक आदेश दिया कि वह डील पर अपने शेयर होल्डर्स और क्रेडिटर्स की मंजूरी ले. इसके बाद समूह ने इसके लिए बैठक बुलाई, जिसे एमेजॉन ने 'अवैध' करार दिया.

अब NCLT से होगा फैसला
क्रेडिटर्स के डील के विरोध में फैसला करने के बाद अब Future Retail को NCLT में दिवाला प्रक्रिया का सामना करना होगा. पिछले हफ्ते ही कंपनी को लोन देने वाले सरकारी बैंक Bank of India ने NCLT में कंपनी के खिलाफ दिवाला प्रक्रिया शुरू करने की याचिका दायर की थी.

अगस्त 2020 में हुआ था सौदे का ऐलान
फ्यूचर समूह ने अगस्त 2020 में रिलायंस इंडस्ट्रीज की कंपनी रिलायंस रिटेल वेंचर्स लिमिटेड (आरआरवीएल) के साथ 24,713 करोड़ रुपये के विलय समझौते की घोषणा की थी। इस समझौते के तहत खुदरा, थोक, लॉजिस्टिक एवं भंडारण खंडों में सक्रिय फ्यूचर समूह की 19 कंपनियों का रिलायंस रिटेल अधिग्रहण करने वाली थी। इस विलय समझौते की घोषणा के बाद से ही दिग्गज ई-कॉमर्स कंपनी ऐमजॉन इसका विरोध कर रही थी। विभिन्न अदालती मुकदमों में ऐमजॉन ने यह कहते हुए इस सौदे का विरोध किया कि उसके साथ हुए फ्यूचर समूह के निवेश समझौते का यह करार उल्लंघन करता है।

हफ्ते की शुरुआत में अलग-अलग बैठकें
विवाद गहराने पर इस सौदे पर शेयरधारकों एवं ऋणदाताओं की मंजूरी लेने के लिए फ्यूचर समूह की संबंधित कंपनियों ने हफ्ते की शुरुआत में अलग-अलग बैठकें बुलाई थीं। फ्यूचर समूह ने शुक्रवार को ही बताया था कि शेयरधारकों एवं असुरक्षित ऋणदाताओं ने इस सौदे को स्वीकृति दे दी है लेकिन सुरक्षित कर्जदाताओं ने इसे नामंजूर कर दिया है। रिलायंस इंडस्ट्रीज ने इसी घटनाक्रम के परिप्रेक्ष्य में सौदे को निरस्त कर दिया है।

 

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