ऋण प्रतिभूतियों में UPI से कर सकेंगे पांच लाख तक निवेश, सेबी ने खुदरा निवेशकों के लिए बढ़ाई सीमा

नई दिल्ली
बाजार नियामक सेबी ने सार्वजनिक निर्गम में ऋण प्रतिभूतियां खरीदने वाले खुदरा निवेशकों के लिए यूपीआई प्रणाली के जरिये भुगतान की सीमा बढ़ाकर पांच लाख रुपये कर दी है। अब तक यह सीमा दो लाख थी।

भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने एक सर्कुलर में कहा कि एक मई, 2022 या उसके बाद खुलने वाली ऋण प्रतिभूतियों के सार्वजनिक निर्गमों पर नया प्रावधान लागू होगा। सेबी के मौजूदा नियमों के तहत निवेशकों को यह विकल्प मिलता है कि वे ऋण प्रतिभूतियों के निर्गम में यूपीआई प्रणाली के जरिये दो लाख रुपये मूल्य तक के कोष का निवेश कर सकते हैं। बदलाव के बाद यह निवेश सीमा बढ़कर पांच लाख हो जाएगी।

नए बदलाव से प्रावधानों में आएगी एकरुपता
सेबी ने प्रतिभागियों के साथ चर्चा के आधार पर प्रावधानों में एकरूपता के लिए यूपीआई से निवेश सीमा दो लाख से बढ़ाकर 5 लाख रुपये करने का फैसला किया है। त्वरित भुगतान की प्रणाली यूपीआई का विकास भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) ने किया है। इसकी मदद से कोई व्यक्ति दूसरे व्यक्ति के खाते में रकम का ट्रांसफर तुरंत ही कर सकता है।

दो कंपनियों की 46 संपत्तियां नीलाम करेगा सेबी
सेबी 6 अप्रैल को रॉयल ट्विंकल स्टार क्लब और साइट्रस चेक इन्स की 46 संपत्तियों की नीलामी करेगा। आरक्षित मूल्य 97 करोड़ रुपये रखा है। सेबी ने यह कदम इन कंपनियों की ओर से जुटाए गए हजारों करोड़ की वसूली के लिए उठाया है। सेबी ने मंगलवार को कहा, नीलामी 6 अप्रैल, 2022 को पूर्वाह्न 11 बजे से अपराह्न एक बजे तक चलेगी। नीलाम की जाने वाली संपत्तियों में कार्यालय परिसर, आवासीय फ्लैट, जमीन के साथ महाराष्ट्र, गुजरात, दमन व दादरा और नगर हवेली में स्थित दुकानें शामिल हैं।

प्राकृतिक खेती पर 2500 करोड़ रुपये खर्च करेगी सरकार
कृषि मंत्रालय देश में प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहन देने के लिए नई योजना लाने की तैयारी में है। इस योजना पर करीब 2,500 करोड़ रुपये खर्च होंगे।अधिकारी ने बताया, योजना जल्द मंत्रिमंडल की मंजूरी के लिए रखी जाएगी। प्रधानमंत्री ने पिछले साल दिसंबर में कहा था, उर्वरक और कीटनाशक आधारित खेती के विकल्प की तलाश की जरूरत है।

 

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