फूडपांडा के लिए 60,000 डिलिवरी बॉय हायर करेगी ओला, प्रति माह 50 हजार रुपये कमाई!

ओला के सीईओ भवीश अग्रवाल ने पिछले हफ्ते अपने लाखों यूजर्स को एक मेल भेजा था। इस मेल में अग्रवाल किसी नई कैब सर्विस के बारे में बात नहीं कर रहे थे, बल्कि वह अपने लाखों ग्राहकों को एक फूड पार्टी के लिए आमंत्रित कर रहे थे। इसमें ओला की सब्सिडियरी कंपनी फूडपांडा के ऐप के जरिए सिर्फ 9 रुपये में डेजर्ट और 79 रुपये में बिरयानी ऑफर की जा रही थी। ओला का यह ऑफर उसके कई कस्टमर्स को तीन साल पहले की याद दिला सकता है, जब उन्होंने 5 रुपये प्रति किलोमीटर से भी कम किराये जैसे लुभावने ऑफरों से आकर्षित होकर ओला कैब का इस्तेमाल शुरू किया था। 

फूड ऑर्डर की सप्लाई के लिए भी ओला अपने अंदाज में तैयारी कर रही है। कंपनी बंपर ऑफरों के साथ बड़ी संख्या में डिलिवरी बॉय को हायर कर रही है। बेंगलुरु में फूडपांडा अपने डिलिवरी बॉय को तीन महीने में 1.5 लाख रुपये या प्रति महीने 50,000 रुपये की कमाई की गारंटी दे रही है। कंपनी ने डिलिवरी बॉय से जुड़ी वास्तविक सैलरी के बारे में कोई जानकारी देने से मना कर दिया, लेकिन उसका लक्ष्य अगले एक से दो महीनों में 60,000 डिलिवरी बॉय हायर करने का है। 

फूड डिलिवरी बिजनस खड़ा करने का ओला का यह दूसरा प्रयास है। इससे पहले कंपनी ने 2016 में भी ओला कैफ नाम से फूड बिजनस सेगमेंट में उतरने की कोशिश की थी, जो सफल नहीं रही थी। कंपनी ने ओला कैफे के बंद होने के मौके पर ही इस सेगमेंट में दोबारा एंट्री की तरफ इशारा करते हुए कहा था, 'हम इससे सबक लेंगे कि आनेवाले समय में आपको कैसे बेहतर तरीके से सर्विस दी जाए।' 

ओला को यह दूसरा मौका 2017 में मिला, जब उसने फूडपांडा को खरीदा। जर्मनी की फूड डिलिवरी कंपनी हीरो काफी लंबे समय से फूडपांडा इंडिया को अपने से अलग करना चाहती थी। हीरो ने फूडपांडा को रॉकेट इंटरनेट से खरीदा था। डेटा रिसर्च प्लेटफॉर्म पेपरडॉटवीसी के मुताबिक ओला ने एक डील के तहत अपनी 0.82% हिस्सेदारी हीरो को दी, जिसके बदले में उसे फूडपांडा इंडिया का बिजनस ओला को ट्रांसफर कर दिया गया। इस डील की वैल्यू पहले करीब 3.8 अरब डॉलर बताई गई थी, जो बाद में 3.2 करोड़ डॉलर पर तय हुई। 

फूडपांडा को खरीदने के बाद ओला ने कहा था कि वह अपने फूड डिलिवरी बिजनस को मजबूत करने के लिए करीब 20 करोड़ डॉलर का अतिरिक्त निवेश करेगी। इसके अलावा अग्रवाल ने अपने मुख्य सहयोगी और फाउंडिंग पार्टनर प्रणय जीवरज्का को कंपनी के सीईओ के तौर पर नियुक्त किया। अगले कुछ महीनों में ओला मुंबई की एक फूड डिलिवरी स्टार्टअप 'होलाशेफ' को भी खरीदने जा रही है। इंडस्ट्री एक्सपर्ट ने बताया कि ओला ने भले ही इस सेगमेंट में देरी से एंट्री की है, लेकिन वह मार्केट की दोनों बड़े प्लेयर्स- स्विगी और जोमाटो के मार्केट शेयर हथियाने का कोई मौका नहीं छोड़ना चाहती है। 

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