DU ने सीयूईटी से दाखिले की नई नीति जारी की, जानें किस कोर्स में कैसे होगा एडमिशन

नई दिल्ली
दिल्ली विश्वविद्यालय ने मंगलवार को 2022-23 में स्नातक दाखिले के लिए नई नीति जारी की। विश्वविद्यालय में प्रवेश सीयूईटी के जरिये होंगे। इसमें मिले अंक दाखिले का आधार होगा। डीयू में इस वर्ष से स्नातक में दाखिले के लिए कॉलेज अब कटऑफ नहीं निकालेंगे, बल्कि ये दाखिले कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (सीयूईटी) के माध्यम से होंगे। इसमें प्राप्त अंक ही दाखिले का आधार होंगे। डीयू ने इसे एक बेहतरीन नीति बताया।

दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. योगेश सिंह ने शैक्षणिक स्तर 2022-23 के लिए डीयू की स्नातक दाखिला नीति मंगलवार को जारी की। ज्ञात हो कि 6 अप्रैल से नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) सीयूईटी के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू करने जा रही है।

कुलपति प्रो. योगेश सिंह ने मंगलवार को बताया कि स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग और नेशनल कॉलेजिएट वुमन एजुकेशन बोर्ड को छोड़कर, सभी स्नातक पाठ्यक्रमों में दाखिला सीयूईटी 2022 के माध्यम से ही होगा। सीयूईटी में प्राप्त अंकों के आधार पर ही पात्रता मानदंड तय होंगे। दो साल बाद डीयू में स्पोर्ट्स और ईसीए में दाखिले के लिए ट्रायल प्रक्रिया होगी। कुलपति ने कहा कि दाखिले के लिए प्रवेश परीक्षा के बाद तीन मौके विद्यार्थियों को दिए जाएंगे। इसमें पहली काउंसिलिंग में 30 फीसदी अधिक दाखिले किए जाएंगे, ताकि अगर छात्र आवेदन रद्द भी कराएं तो सीटें रिक्त न हों।

कैसे होगा दाखिला
– छात्रों के दाखिले सीयूईटी के माध्यम से होंगे। https://cuet.samarth.ac.in/ पर आवेदन करना होगा। प्रवेश परीक्षा के अंकों के आधार पर कटऑफ नहीं आएगा।

– छात्र कॉलेजों का चयन वरीयता के क्रम से करेंगे। एक समान अंक होने पर दूसरी प्रक्रिया अपनाई जाएगी। इसकी जानकारी बाद में साझा की जाएगी।

– छात्र पहले आवेदन करेगा। उसके बाद वह अधिकतम छह विषयों की प्रवेश परीक्षा देने के लिए योग्य है। अंक जारी होने पर छात्र कोर्स और कॉलेज का चयन करेगा। एक छात्र सभी कॉलेजों का चयन कर सकता है। जिसके बाद संबंधित कॉलेजों में ऑनलाइन दाखिला ले सकता है।

स्ट्रीम बदलने पर नहीं कटेगा अंक : कुलपति ने बताया कि उम्मीदवार सीयूईटी में केवल उन्हीं विषयों में उपस्थित हो सकेंगे जो विषय उन्होंने 12वीं कक्षा में रखा हो। योग्यता की गणना भी केवल उन्हीं विषयों के कंबिनेशन के आधार पर की जाएगी, जिसमें उम्मीदवार ने सीयूईटी दिया होगा। स्ट्रीम बदलने पर किसी को कोई नुकसान नहीं होगा। डीन एडमिशन प्रो. हनीत गांधी ने बताया कि 12वीं में उत्तीर्ण छात्र ही सीयूईटी की परीक्षा दे सकते हैं। दाखिले के लिए गैप ईयर के छात्र भी आवेदन कर सकते हैं।

अल्पसंख्यक कॉलेजों के लिए क्या : सेंट स्टीफंस और जीजस एंड मेरी में जिन 50 सीटों को आरक्षित रखा गया है, उनमें दाखिले के लिए 85 फीसदी अंक सीयूईटी से लिया जाएगा और बाकी 15 फीसदी अंक कालेजों की तरफ से तय होगा। गैर आरक्षित 50 फीसदी सीटों पर दाखिले पूरी तरह से सीयूईटी के आधार पर ही होंगे।

सीयूईटी के तीन खंड होंगे
1. पहले खंड को दो भागों बांटा गया है। पहले भाग में 13 भाषाएं और दूसरे में 20 भाषाएं शामिल हैं। डीयू में प्रवेश के लिए उम्मीदवारों को उपरोक्त 33 भाषाओं में से कम से कम एक भाषा में परीक्षा देना अनिवार्य है।

2. प्रवेश परीक्षा के दूसरे खंड में 27 डोमेन स्पेसिफिक विषय हैं। उम्मीदवार को दूसरे खंड से कम से कम तीन विषयों को चुनना होगा। उम्मीदवारों को उचित रूप से विषयों को चुनना होगा ताकि एक बार में एक से अधिक विषय का चयन न हो।

3. तीसरा खंड सामान्य ज्ञान पर आधारित होगा जो केवल बीए प्रोग्राम कोर्स में दाखिले के लिए ही होगा।

इकोनॉमिक्स में गणित का टेस्ट
बीए (ऑनर्स) अर्थशास्त्रत्त् में प्रवेश के लिए उम्मीदवारों को सीयूईटी के लिए गणित में टेस्ट देना अनिवार्य है। इसके लिए मेरिट की गणना चयन की गई भाषा, गणित और किन्हीं दो विषयों में प्राप्त किए अंकों के आधार पर की जाएगी। हालांकि, उम्मीदवार अधिकतम छह विषयों में सीयूईटी का टेस्ट दे सकता है, जिनमें से एक भाषा का विषय होना जरूरी है।

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