दिल्ली के सरकारी स्कूलों में पढ़ाई जाएगी जर्मन भाषा, 30 स्कूलों से होगी शुरुआत

नई दिल्ली

दिल्ली सरकार के स्कूलों में अब बच्चे जर्मन भाषा भी सीखेंगे। उपमुख्यंत्री मनीष सिसोदिया ने मंगलवार को जर्मन दूतावास के सहयोग से बच्चों को जर्मन पढ़ाने के लिए गोएथे शिक्षण संस्थान के साथ समझौता किया है। इस मौके पर भारत में जर्मनी के राजदूत वॉल्टर जे लिंडनर भी मौजूद रहे। सरकार का कहना है कि इस समझौते का मकसद तेजी से हो रहे वैश्वीकरण के दौर में स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों को प्रोफेशनल रूप से तैयार करना है। मनीष सिसोदिया ने कहा कि केजरीवाल सरकार दिल्ली के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों को वैश्विक एक्सपोजर देने के लिए प्रतिबद्ध है। स्कूलों में शुरू किया जा रहा जर्मन भाषा कार्यक्रम इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार के स्कूलों में शुरू किए गए विदेशी भाषा पाठ्यक्रम में जर्मन उन शुरूआती भाषाओं में से एक है जिसे हमारे छात्र सीखेंगे। सिसोदिया ने कहा कि एक विदेशी भाषा सीखना सिर्फ एक स्किल सीखना नहीं है, बल्कि उस देश की संस्कृति को सीखने व उससे जुड़ने का मौका भी देता है।

उन्होंने कहा कि गोएथे इंस्टिट्यूट मैक्स मूलर भवन के साथ यह समझौता भविष्य में दिल्ली के सरकारी स्कूलों के छात्रों के लिए नए रोजगार के साथ-साथ कई शैक्षणिक अवसर का रास्ता भी खोलेगा। जर्मन राजदूत, वाल्टर जे लिंडनर ने कहा कि दिल्ली सरकार के साथ यह समझौता पार्टनरशिप भविष्य में कल्चर, संगीत, शिक्षा, सहित कई नए क्षेत्रों में पार्टनरशिप के मौके तैयार करेगी। जर्मन सीखने से यूरोप में बच्चों के लिए रोजगार के रास्ते भी खुलेंगे।
 

30 स्कूलों से होगा शुरू
समझौते पर जानकारी देते हुए शिक्षा निदेशक हिमांशु गुप्ता ने बताया कि जर्मन भाषा का पाठ्यक्रम दिल्ली सरकार के 30 स्कूलों में बतौर पायलट फेज के रूप में शुरू होगा। इसमें स्कूल ऑफ स्पेशलाइज्ड एक्सीलेंस (एसओएसई) शामिल हैं। उन्होंने कहा कि गोएथे इंस्टीट्यूट की ओर से कम्युनिकेटिव जर्मन भाषा का प्रशिक्षण दिया जाएगा।

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