BPSC 67वीं प्रारंभिक परीक्षा को कदाचार मुक्त करने के लिए उठाए जा रहे हैं ये कदम

पटना
 
बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) 67वीं प्रारंभिक परीक्षा को कदाचार मुक्त कराने के लिए इस बार निर्णय लिया गया है कि सभी परीक्षा केंद्रों पर जैमर लगाए जाएंगे। साथ ही बाद में बनाए गए अतिरिक्त परीक्षा केंद्र पर केंद्राधीक्षक एवं वीक्षक उस केंद्र के प्राध्यापक/अध्यापक के स्थान पर किसी सरकारी पदाधिकारी अथवा प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, राजकीय विद्यालयों के प्रधानाध्यापक को ही बनाया जाए। अतिरिक्त केंद्रों पर दंडाधिकारी की भी नियुक्ति की जाएगी।

बीपीएससी की परीक्षा इस बार 1153 केन्द्रों पर होगी। एक दिन परीक्षा होने की वजह से केन्द्रों की संख्या बढ़ा दी गई है। प्रारंभिक परीक्षा अब 30 सितंबर को एक पाली में दोपहर 12 से 2 बजे के बीच होगी। 802 पदों के लिए छह लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है। बीपीएससी कहा है कि प्रवेश परीक्षा अब 14 सितंबर की बजाय 20 सितंबर से उपलब्ध होंगे। एग्जाम दोपहर 12 से 2 बजे तक होगा। परीक्षार्थियों को 11 बजे तक ही प्रवेश दिया जाएगा। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आदेश के बाद परीक्षा की तिथि में बदलाव कर 21 सितंबर से 30 सितंबर किया गया।

दरअसल, पेपर लीक के बाद बिहार लोक सेवा आयोग ने 67वीं प्रारंभिक परीक्षा का आयोजन दो दिन 20 और 22 सितंबर को कराने का निर्णय लिया था। साथ ही कहा था कि परिणाम भी परसेंटाइल के आधार पर ही जारी होगा। इसके खिलाफ अभ्यर्थियों ने प्रदर्शन किया था।

 

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