अमेरिका रूस पर भारत के इस रुख से हुआ खुश, बहुत दिनों से कर रहा था साथ की अपील

नई दिल्ली
यूक्रेन पर जारी रूसी अटैक के बीच भारत ने बुधवार को बेहद सख्त बयान दिया जिसकी अमेरिका जमकर तारीफ कर रहा है। दरअसल भारत का रूस को लेकर एक तटस्थ रुख रहा है। उसने रूस के खिलाफ कोई भी बयान देने से परहेज किया है। ये पहली बार है जब भारत ने यूक्रेन में हुए कत्लेआम पर खुलकर बयान दिया है।  रिपब्लिकन पार्टी के एक प्रभावशाली सीनेटर ने रूसी सेना के यूक्रेन के बुचा में लोगों की हत्या की भारत द्वारा निंदा किए जाने का बुधवार को स्वागत किया और इसे देश का ‘‘सख्त होता रुख’’ बताया। सीनेट में इंडिया कॉकस के सह-अध्यक्ष सीनेटर जॉन कोर्निन ने इस मुद्दे पर भारत की टिप्पणियां का स्वागत किया। वह संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में मतदान से भारत के दूर रहने की आलोचना करते रहे हैं।

कोर्निन ने अमेरिका में भारत के स्थायी प्रतिनिधि टी एस तिरुमूर्ति की टिप्पणियों को टैग करते हुए ट्वीट किया, ‘‘हमारे दोस्तों की प्रतिक्रिया का स्वागत करता हूं: भारत का यूक्रेन के बुचा में हत्याओं की निंदा करना उसके कड़े होते रुख को दिखाता है।’’  गौरतलब है कि तिरुमूर्ति ने यूक्रेन के बुचा शहर में की गयी हत्याओं की निंदा की है। संयुक्त राष्ट्र में भारत के राजदूत टीएस तिरुमूर्ति ने यूक्रेन पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक में कहा कि बुचा में नागरिकों के मारे जाने संबंधी हालिया खबरें काफी परेशान करने वाली हैं। उन्होंने कहा कि भारत बुचा हत्याओं की निंदा करता है और एक स्वतंत्र जांच के आह्वान का समर्थन करता है।

विदेश मत्री एस. जयशंकर ने भी लोकसभा में बुचा में हत्याओं की निंदा की। यूक्रेन के बुचा में काफी संख्या में शव मिलने से जुड़ी घटना पर जयशंकर ने कहा, ‘‘हम इस रिपोर्ट से काफी परेशान हैं। हम इन हत्याओं की निंदा करते हैं। हम इस घटना की स्वतंत्र जांच कराने के आह्वान का समर्थन करते हैं।’’ इस बीच, अमेरिका में भारत के राजदूत तरणजीत सिंह संधू ने अमेरिकी सांसदों के साथ अपनी भागीदारी तेज कर दी है। पिछले कुछ दिनों में उन्होंने एक कई प्रभावशाली सांसदों से मुलाकात की और उन्हें यूक्रेन पर भारत के रुख के बारे में बताया। कांग्रेस सदस्य डीना टिटस ने कहा, ‘‘कल, मैंने राजदूत संधू से भारत-अमेरिका द्वीपक्षीय रिश्ते, यूक्रेन में स्थिति और भारत में धार्मिक सहिष्णुता की महत्ता पर चर्चा करने के लिए राजदूत संधू से मुलाकात की।’’

 

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