ब्रिटेन में नए युग की शुरुआत,कुछ अलग करने को तैयार किंग चार्ल्स

लंदन.
 अपनी प्रिय महारानी के निधन से शोक में डूबे ब्रिटेन की जनता को अभी यह नहीं मालूम कि ‘महाराज चार्ल्स तृतीय’ का शासन कैसा होगा और क्या वह उनकी मां की परंपराओं से अलग होगा. अगर सिंहासन पर बैठने के उनके पहले दिन से मिले संकेत को देखे तो चार्ल्स कम से कम कुछ अलग करने की तैयारी में तो दिखते हैं. जब चार्ल्स नए महाराज के तौर पर शुक्रवार को पहली बार बकिंघम पैलेस पहुंचे तो उनकी लिमोज़ीन कार उन्हें देखने के लिए उमड़ी भीड़ के बीच से गुजरी और महल के प्रवेश द्वार पर रुकी, जहां उन्होंने कार से बाहर निकलकर अपने शुभचिंतकों का हाथ हिलाकर अभिवादन किया. चार्ल्स 1,000 साल पुरानी राजशाही के तख्तनशीं के बजाय चुनाव प्रचार अभियान पर निकले अमेरिका के किसी राष्ट्रपति की तरह लगे.

चार्ल्स ने तकरीबन 10 मिनट तक लोगों का आभार व्यक्त किया और इस दौरान वह लोगों द्वारा ‘ईश्वर महाराज की रक्षा करें’ के नारे लगाने के बीच मुस्कुराए, हाथ हिलाकर अभिवादन किया, संवेदनाएं स्वीकार की और फूलों का गुलदस्ता स्वीकार किया. महल के बाहर एकत्रित हुए लोगों में से एक 64 वर्षीय एम्मार अल-बल्दावी ने कहा, ‘कार से बाहर निकलकर भीड़ से मुलाकात करना प्रभावशाली, दिल को छूने वाला और एक अच्छा कदम है. मुझे लगता है कि शाही परिवार को अब लोगों के साथ संवाद करने की आवश्यकता है.’

 

ब्रिटेन के नए सम्राट चार्ल्स III ने इससे पहले शुक्रवार को अपने पहले संबोधन में मां एलिजाबेथ द्वितीय को याद किया और कसम खाई वे अपनी मां और महारानी द्वारा खाई कसम को जारी रखेंगे और आजीवन ब्रिटेन के लोगों के लिए काम करते रहेंगे। 

शुक्रवार को सम्राट ने अपनी मां महारानी एलिजाबेथ द्वितीय को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा था, "… मेरी प्यारी मां जब आप मेरे प्रिय स्वर्गीय पिता से मिलने के लिए अपनी अंतिम महान यात्रा शुरू कर चुके हैं, मैं बस आपको धन्यवाद कहना चाहता हूं। हमारे परिवार और राष्ट्र के लोगों के प्रति आपके प्यार और समर्पण के लिए धन्यवाद, आपने इतने वर्षों तक इतनी लगन से सेवा की।”

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