भारत एक खुद्दार कौम है ,पाक पैसों के लिए एक तरफ से दूसरी आता-जाता – इमरान खान

इस्लामाबाद
 इमरान खान ने पाकिस्तानी मीडिया चैनल को दिए इंटरव्यू में भारत को खुद्दार कौम बताया। इसके साथ ही उन्होंने पाकिस्तान की विदेश नीति पर तंज कसते हुए कहा- जब तक रूस और अमेरिका के बीच कोल्ड वॉर चलती रही, भारत पूरी तरह किसी के साइड नहीं गया। आज हिंदुस्तान की विदेश नीति की वजह से दुनिया भर में उसके पासपोर्ट की इज्जत है। जब आप खुद्दार कौम होते हैं तो लोग आपकी इज्जत करते हैं।

इमरान ने आगे कहा- पाकिस्तान पैसों के लिए एक साइड से दूसरी आता-जाता रहा। आज हमारे पाकिस्तान के पासपोर्ट की क्या इज्जत है। जुल्फिकार अली भुट्टो आजाद विदेश नीति चाहते थे, लेकिन तब के मीर जाफर और मीर सादिक ने विदेशी लोगों के साथ मिलकर उन्हें मरवा दिया।

तालिबान के खिलाफ पाकिस्तान की जंग को लेकर इमरान ने कहा- जब तालिबान रूस के खिलाफ लड़ रहा था तो हम कह रहे थे विदेशी कब्जे के खिलाफ लड़ाई करना जिहाद है। जब अमेरिका अफगानिस्तान पहुंचा तो हम कहने लगे वो दहशतगर्दी के खिलाफ लड़ाई लड़ रहा है। इसके बाद मुल्क की क्या हैसियत रह गई। दुनिया ने हमें जलील किया।

बहस और वोटिंग कब

इससे पहले पाकिस्तानी संसद में गुरुवार को अविश्वास प्रस्ताव पर बहस नहीं हो सकी। अब 3 अप्रैल को प्रस्ताव पर बहस और वोटिंग हो सकती है। हालांकि, स्पीकर इसमें कोई अड़ंगा भी लगा सकते हैं। अगर ऐसा हुआ तो विपक्ष सुप्रीम कोर्ट जाएगा और फिर मामला टल सकता है। इमरान सरकार भी यही चाहती है कि किसी तरह वोटिंग टल जाए, क्योंकि उन्हें करारी शिकस्त सामने नजर आ रही है। विपक्ष भी सरकार की रणनीति समझता है, लिहाजा वो वोटिंग पर ही जोर दे रहा है।

तालिबान के खिलाफ पाकिस्तान की जंग को लेकर इमरान ने कहा- जब तालिबान रूस के खिलाफ लड़ रहा था तो हम कह रहे थे विदेशी कब्जे के खिलाफ लड़ाई करना जिहाद है। जब अमेरिका अफगानिस्तान पहुंचा तो हम कहने लगे वो दहशतगर्दी के खिलाफ लड़ाई लड़ रहा है। इसके बाद मुल्क की क्या हैसियत रह गई। दुनिया ने हमें जलील किया।

 इमरान खान ने कहा कि उन्हें तीन विकल्प दिए गए हैं- अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग का सामना करने, समय से पहले चुनाव कराने या प्रधानमंत्री के तौर पर इस्तीफा दे देने का। अपनी जान को खतरा बताते हुए इमरान खान ने आगे कहा कि न केवल उनकी जान खतरे में है, बल्कि विदेशी हाथों की कठपुतली बना विपक्ष उनका चरित्र हनन भी करेगा।

इस बात की तरफ इशारा करते हुए कि पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के कई सदस्य अविश्वास मत से पहले विपक्ष के खेमे में चले गए थे, उन्होंने बताया कि भले ही विपक्ष का अविश्वास प्रस्ताव विफल हो गया हो, “हम ऐसे लोगों (दलबदलुओं) के साथ सरकार नहीं चला सकते हैं।” इसलिए उन्होंने कहा, ”पाकिस्तान के लिए बेहतर होगा कि हम दोबारा चुनाव कराएं।”

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