International News : अनवर उल हक होंगे पाकिस्तान के 8वें केयरटेकर PM, शहबाज शरीफ के इस्तीफे के बाद फैसला

International News : निवर्तमान नेता राजा रियाज ने कहा कि अनवर-उल-हक काकर को पाकिस्तान के अंतरिम प्रधान मंत्री के रूप में चुना गया है.

International News: उज्जवल प्रदेश, इस्लामाबाद . पाकिस्तान में नेशनल असेंबली भंग होने के साथ ही राजनीतिक उथल-पुथल मची हुई है. इसी बीच नेशनल असेंबली में विपक्ष के निवर्तमान नेता राजा रियाज ने कहा कि अनवर-उल-हक काकर को पाकिस्तान के अंतरिम प्रधान मंत्री के रूप में चुना गया है.

पीएमओ द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार पीएम शहबाज़ और नेशनल असेंबली (एनए) में निवर्तमान विपक्षी नेता राजा रियाज ने अनवर उल हक को कार्यवाहक प्रधानमंत्री के रूप में नियुक्त करने के संबंध में राष्ट्रपति अल्वी को सलाह भेजी है. इससे पहले प्रधानमंत्री आवास के बाहर रियाज ने इसकी पुष्टि की थी.

इससे पहले शहबाज शरीफ ने शुक्रवार को कहा था कि केयरटेकर प्रधानमंत्री का नाम शनिवार तक तय हो जाएगा. शरीफ ने कहा था कि राष्ट्रपति ने उन्हें और विपक्षी नेता (राजा रियाज) को 12 अगस्त तक केयरटेकर प्रधानमंत्री के लिए नाम सुझाने का प्रस्ताव दिया है. शरीफ का कहना था कि वो और राजा रियाज शनिवार तक नाम को अंतिम रूप देंगे. उन्होंने कहा, अंतिम निर्णय लेने से पहले इस मामले पर गठबंधन सहयोगियों को विश्वास में लिया जाएगा.

शहबाज शरीफ और रियाज़ दोनों को एक पत्र में राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने सूचित किया था कि अनुच्छेद 224 ए के तहत उन्हें नेशनल असेंबली के विघटन के तीन दिनों के भीतर अंतरिम प्रधान मंत्री के लिए एक नाम प्रस्तावित करना है. राष्ट्रपति अल्वी ने पत्र में कहा था कि जैसा कि पाकिस्तान के संविधान के अनुच्छेद 224 (1ए) में प्रावधान है, प्रधानमंत्री और निवर्तमान नेशनल असेंबली में विपक्ष के नेता 12 अगस्त से पहले कार्यवाहक प्रधानमंत्री की नियुक्ति के लिए एक उपयुक्त व्यक्ति का प्रस्ताव कर सकते हैं. राष्ट्रपति के पत्र पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए शरीफ ने कहा कि वह इस पत्र को पाकर निराश हैं.

शरीफ ने कहा कि संविधान में संसद के निचले सदन नेशनल असेंबली के भंग होने के बाद कार्यवाहक प्रधानमंत्री की नियुक्ति के लिए आठ दिन का प्रावधान है. संविधान के अनुसार, नेशनल असेंबली में प्रधानमंत्री और निवर्तमान विपक्षी नेता के पास अंतरिम प्रधान मंत्री का नाम तय करने के लिए तीन दिन का समय होता है.

यदि दोनों किसी नाम पर सहमत नहीं हो पाते हैं तो मामले को संसदीय समिति के पास भेजा जाएगा. यदि समिति कोई निर्णय लेने में विफल रहती है, तो पाकिस्तान चुनाव आयोग के पास आयोग के साथ साझा किए गए नामों की सूची से कार्यवाहक प्रधानमंत्री चुनने के लिए दो दिन का समय होगा.

 

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