international News : ट्रंप को ईरान की धमकी,हम डोनाल्ड को मारना चाहते हैं, नई क्रूज मिसाइल तैयार, 1650 किमी रेंज

international News : ईरान के नए मिसाइल के दावे ने पश्चिमी देशों को चिंता में डाल दिया है। ईरान अपने मिसाइल प्रोग्राम का विस्तार कर रहा है। उसका फोकस बैलिस्टिक मिसाइलों पर है। साथ ही साथ वह यूक्रेन के खिलाफ रूस को हथियार भी सप्लाई कर रहा है।

international News : उज्जवल प्रदेश, तेहरान . अमेरिका और ईरान के बीच तनावपूर्ण संबंध जगजाहिर हैं। इस बीच ईरान ने 1,650 किमी की रेंज की एक क्रूज मिसाइल विकसित कर ली है। ईरान के एक शीर्ष रिवोल्यूशनरी गार्ड कमांडर ने शुक्रवार को इसकी जानकारी दी। यूक्रेन युद्ध में रूस की ओर से ईरान के ड्रोन इस्तेमाल किए जाने के बाद यह मिसाइल पश्चिमी देशों की चिंता को और बढ़ा सकती है।

रिवोल्यूशनरी गार्ड्स एयरोस्पेस फोर्स के प्रमुख अमीराली हाजीज़ादेह ने अमेरिका को ईरान के एक शीर्ष कमांडर की हत्या का बदला लेने की धमकी भी दी है।

हाजीज़ादेह ने कहा, ‘हम डोनाल्ड ट्रंप (अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति) को मारना चाहते हैं।’ सरकारी टीवी पर बोलते हुए उन्होंने बताया, ‘1,650 किमी की रेंज वाली नई क्रूज मिसाइल को इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के मिसाइल शस्त्रागार में शामिल किया गया है।’ चैनल की फुटेज में पहली बार नई Paveh क्रूज मिसाइल की झलक देखी गई। पिछले साल नवंबर में ईरानी कमांडर ने दावा किया था कि मुल्क ने हाइपरसोनिक बैलिस्टिक मिसाइल विकसित कर ली है।

ट्रंप और पोम्पिओ के नाम ईरान की धमकी

हाजीज़ादेह ने कहा कि बगदाद में 2020 में अमेरिकी ड्रोन हमले में ईरानी सैन्य कमांडर कासिम सुलेमानी की हत्या के कुछ दिनों बाद जब ईरान ने इराक में अमेरिकी नेतृत्व वाली सेना पर बैलिस्टिक मिसाइल हमला किया, तब उसका इरादा ‘बेचारे सैनिकों’ को मारने का नहीं था। टीवी इंटरव्यू में उन्होंने कहा, ‘अल्लाह ने चाहा तो, हम ट्रंप को मारना चाहते हैं।

माइक पोम्पिओ (अमेरिका के पूर्व विदेश मंत्री)… और सुलेमानी की हत्या का आदेश जारी करने वाले सैन्य कमांडरों को मार दिया जाना चाहिए।’

ईरान ने बढ़ाया बैलिस्टिक मिसाइलों का जखीरा

ईरान अक्सर सुलेमानी की मौत का बदला लेने की ‘कसम खाता’ रहा है। ईरान ने अपने मिसाइल प्रोग्राम, खासकर बैलिस्टिक मिसाइलों, का विस्तार किया है जिस पर अमेरिका और यूरोपीय देश चिंता जाहिर करते हैं। हालांकि ईरान का दावा है कि यह कार्यक्रम पूरी तरह ‘रक्षात्मक’ है। ईरान ने कहा है कि उसने यूक्रेन में युद्ध से पहले रूस को ड्रोन दिए थे।

पूरे यूक्रेन में बिजली स्टेशनों और नागरिक बुनियादी ढांचों को तहस-नहस करने के लिए रूस ईरान के ही दिए सुसाइड ड्रोन का इस्तेमाल कर रहा है।

बेकसूर सैनिकों का इरादा नहीं: ईरान

हाजीज़ादेह ने कहा कि उस वक्त भी ईरान ने बेकसूर सैनिकों को मारने का इरादा नहीं किया था, लेकिन जब उसने (अमेरिका) बगदाद में 2020 में ड्रोन हमले में ईरानी सैन्य कमांडर कासिम सुलेमानी की हत्या की तो जवाबी कार्रवाई में उसे अमेरिकी सेना पर बैलिस्टिक मिसाइल से हमला करना पड़ा था.

युद्ध में ईरान कर रहा रूस की मदद

गौरतलब है कि ईरान ने यूक्रेन में युद्ध से पहले मास्को को ड्रोन की आपूर्ति की. रूस ने बिजली स्टेशनों और नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया. पिछले साल नवंबर में, पेंटागन ने कहा था कि ईरान ने एक हाइपरसोनिक बैलिस्टिक मिसाइल विकसित की है.

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