पाकिस्तान: पुलिस स्टेशन पर ग्रेनेड से हमला, 4 पुलिसकर्मी समेत 7 लोग घायल

पेशावर
पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत (Khyber Pakhtunkhwa province) में एक पुलिस थाने पर आतंकवादियों के हमले में चार पुलिसकर्मी समेत सात लोग घायल हो गये। पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी दी। घटना कोहाट जिले (Kohat district) में मंगलवार रात उस समय हुई जब आतंकवादियों ने बिलतुंग थाने पर हथगोला फेंका जिससे परिसर में मौजूद लोग घायल हो गए।

तलाशी अभियान शुरू
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, 'घटना मंगलवार रात की है। थाने पर आतंकियों ने एक हथगोला फेंका, जिसमें सात लोग घायल हो गए। उनमें से चार पुलिसकर्मी थे।' उन्होंने कहा कि थाने पर हमले के बाद व्यापक तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया है। अभी तक किसी भी समूह ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।

एक जवान शहीद
अन्य घटना में कुछ अज्ञात बदमाशों ने खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के गोदर इलाके में फ्रंटियर कोर चेक पोस्ट पर हमला किया, जिसमें एक जवान शहीद हो गया और एक अन्य घायल हो गया। हमले के बाद अंधेरे का फायदा उठाकर हमलावर मौके से फरार होने में सफल रहे।

तालिबान के हमले में आठ लोगों की मौत

  • अधिकारियों ने कहा कि देश के अशांत खैबर पख्तूनख्वा जिले में पाकिस्तानी तालिबान द्वारा किए गए विस्फोट में मरने वालों की संख्या आठ हो गई है।
  • पुलिस ने बुधवार को उस जगह से तीन और शव बरामद किए, जहां स्थानीय शांति समिति के एक सदस्य के साथ चार अन्य मारे गए थे।
  • एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि सड़क किनारे बम हमले में मंगलवार को प्रांत के स्वात जिले में कबाल तहसील के पूर्व ग्राम रक्षा परिषद (अमन समिति) के अध्यक्ष शांति समिति के सदस्य इदरीस खान के वाहन को निशाना बनाया गया।
  • अधिकारियों ने बताया कि बड़ा बंदाई इलाके में हुए विस्फोट में खान की मौत हो गई और दो पुलिसकर्मियों समेत सात और लोग मारे गए।
  • पुलिस ने कहा कि हमले के पीछे जिन लोगों का हाथ है, उसकी गिरफ्तारी के लिए मंगलवार को तलाशी अभियान शुरू किया गया था।

मुख्यमंत्री ने की घटना की निंदा
तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) के प्रवक्ता मोहम्मद खुरासानी ने विस्फोट की जिम्मेदारी लेते हुए कहा कि खान पिछले कई सालों से सुरक्षा बलों का समर्थन कर रहा था। खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के मुख्यमंत्री महमूद खान ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि विस्फोट के लिए जिम्मेदार लोगों को न्याय के कटघरे में खड़ा किया जाएगा। पिछले साल अगस्त में अमेरिकी बलों की वापसी के बाद तालिबान के काबुल पर कब्जा करने के बाद से पाकिस्तान में सुरक्षा बलों पर लक्षित हमलों में तेजी देखी है।

 

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