लैंडिंग से ठीक पहले पायलटों का प्लेन पर नियंत्रण नहीं, ऑडियो वायरल

पैरिस। एयर फ्रांस का बोइंग 777 प्लेन न्यूयॉर्क के जॉन एफ. कैनेडी एयरपोर्ट से करीब सात घंटे का सफर कर पैरिस के चार्ल्स डी गॉल हवाई अड्डे पर लैंड करने वाला था। तभी अचानक एयर ट्रैफिक कंट्रोल को ऑडियो मैसेज मिलता है, 'एयरप्लेन अचानक आउट ऑफ कंट्रोल हो गया है।' यह संदेश प्लेन के पायलट ने भेजा था। घटना 5 अप्रैल की है। एयरपोर्ट पर लैंड करने का पहला प्रयास विफल हो जाता है। हर तरफ कोहराम मचा हुआ था। कई तरह की आशंकाएं पैदा हो गई थीं। आसमान में लोगों की जान अटकी हुई थी। करीब 10 मिनट तक आसमान में चक्कर लगाने के बाद प्लेन दूसरे प्रयास में लैंड कर जाता है। घटना की जांच शुरू हो गई है कि आखिर उस दिन हुआ क्या था? पायलट और ट्रैफिक कंट्रोल के बीच बातचीत का ऑडियो भी वायरल हो गया है।

बाद में एक यात्री ने मीडिया से बातचीत में कहा, 'प्लेन एयरपोर्ट पर पहुंचने वाला था, तभी अचानक दो या तीन झटके लगे। केबिन में लोग चिल्ला रहे थे। कुछ समय बाद प्लेन फिर से ऊपर आ गया। हम एयरपोर्ट के ऊपर 10 मिनट तक चक्कर लगाते रहे और दूसरे प्रयास में प्लेन लैंड हुआ। पहली बार की तरह झटका नहीं लगा।'

अमेरिका में बना यह प्लेन 17 साल पुराना था। एयर फ्रांस फ्लाइट 11 के पायलटों ने टेक्निकल खामी पता चलने के बाद हालात को संभाला और क्रू ने इमर्जेंसी ऐक्शन लेते हुए रेडार की गाइडेंस से लैंडिंग की। एयर फ्रांस के एक प्रवक्ता ने बताया कि बोइंग प्लेन 1200 फीट पर आ गया था, तभी टेक्निकल वजहों से प्लेन आउट ऑफ कंट्रोल हो गया। ऐसे समय में पायलट को नहीं पता था कि लैंडिंग सिक्वेंस से प्लेन ठीक से एयरपोर्ट पर उतर पाएगा या नहीं।

घटना की ऑडियो रिकॉर्डिंग सुनने से पता चलता है कि उस समय कॉकपिट में कैसे डरावने हालात बन गए थे। पायलट पहली बार लैंडिंग रोक देते हैं और Go-Around का विकल्प चुनते हैं। दूसरी बार नॉर्मल प्रोसीजर से लैंडिंग का सफल प्रयास होता है।

हवाई दुर्घटना और एविएशन सेफ्टी से संबंधित मामलों की जांच करने वाली फ्रेंच एजेंसी BEA ने बताया है कि कॉकपिट वॉइस रिकॉर्डर और फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर से फ्लाइट डेटा का विश्लेषण किया जा रहा है। एयर फ्रांस ने यात्रियों को हुई असुविधा के लिए खेद जताया है। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि फ्लाइट में कितने लोग सवार थे।

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