‘शिया टमाटर, शिया प्याज’, मौलवियों ने टमाटर को काफिर बताकर सड़क पर किया बर्बाद

इस्लामाबाद
 पाकिस्तान दिनों दिन कट्टरपंथ के दलदल में धंसता ही जा रहा है और अब पाकिस्तान के मौलानाओं ने टमाटर और प्याज को भी शिया और सुन्नी में बांटना शुरू कर दिया है। पाकिस्तान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है, जिसमें एक ट्रक से टमाटर को उतारकर उसे सड़क पर बर्बाद किया जा रहा है, क्योंकि वो टमाटर ईरान से आया था और पाकिस्तानी मौलवियों ने टमाटर को काफिर करार दे दिया।
 
पाकिस्तान में काफिर टमाटर
हालांकि, ये वीडियो पाकिस्तान के किस क्षेत्र का है, इसकी जानकारी फिलहाल नहीं मिल पाई है, लेकिन वीडियो बनाने वाले शख्स का कहना है कि, 'क्यों ना अल्लाह का अजाब इस कौम पर आए, क्यों ना अल्लाह की सख्ती इस कौम पर आए।' इस शख्स का कहना है, कि टमाटर और प्याज ईरान से आए हैं इमदाद यानि मदद के तौर पर, लेकिन मौलवियों ने इसे शिया टमाटर कहकर इसे बर्बाद करना शुरू कर दिया, वो भी उस वक्त, जब पाकिस्तान भूख और गरीबी से जूझ रहा है और पाकिस्तान की सरकार लगातार अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से मदद की गुहार लगा रही है। खुद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री दुनिया के सामने हाथ फैला चुके हैं, जिसके बाद अमेरिका, फ्रांस और तुर्की जैसे देश पाकिस्तान की मदद के लिए आगे आए हैं। वहीं, ईरान की तरफ से भी पाकिस्तान को खैरात भेजे जा रहे है, लेकिन मौलवियों ने उस टमाटर और प्याज को काफिर बता दिया।
 
फ्रांस से ले रहा है मदद
पाकिस्तान के लोगों ने ईरानी टमाटर को बर्बाद करना शुरू कर दिया है, लेकिन फ्रांस से मिल रही मदद पर अभी तक पाकिस्तान में आवाज नहीं उठी है और पाकिस्तान उस फ्रांस से मदद ले रहा है, जिसके नाम पर पिछले साल पाकिस्तान में जमकर बवाल हुआ था और दर्जनों लोग मारे गये थे। प्रदर्शनकारियों का कहना था, कि पाकिस्तान की सरकार फौरन फ्रांस से सारे संबंध खत्म करे, क्योंकि फ्रांस में पैगंबर का अपमान किया गया है। तत्कालीन प्रधानमंत्री इमरान खान की सरकार को बकायता फ्रांसीसी राजदूत को देश से बाहर निकालने के लिए प्रस्ताव पेश करना पड़ा था। हालांकि, बाद में पता चला था, कि पाकिस्तान में फ्रांस का राजदूत है ही नहीं। लेकिन, इस वक्त जब पाकिस्तान भीषण बाढ़ से परेशान है, तो फ्रांस ने पाकिस्तान की मदद के लिए दर्जनों बोट्स, दवाइयां, राहत सामग्रियों समेत काफी सामान भेजे हैं, जिनसे पाकिस्तान की सरकार अपने लोगों की जान बचा रही है।
 
कंगाल हो गये, लेकिन कट्टरता नहीं गई
पाकिस्तान में विनाशकारी मानसूनी बारिश और बाढ़ से भारी नुकसान हुआ है और यूक्रेन युद्ध के बाद पहले ही आर्थिक संकट से जूझ रहे पाकिस्तान की स्थिति और भी ज्यादा खराब हो गई है। शनिवार को पाकिस्तान सरकार की रिपोर्ट के मुताबिक, बाढ़, यूक्रेन युद्ध और अन्य कारकों की वजह ले पाकिस्तान को वित्तीय वर्ष 2022-2023 के लिए अपनी जीडीपी विकास दर को पांच प्रतिशत से घटाकर तीन प्रतिशत करने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है। पाकिस्तान के नेशनल फ्लड रिस्पांस एंड कॉर्डिनेशन सेंटर (एनएफआरसीसी) के अध्यक्ष मेजर जनरल जफर इकबाल ने प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के लिए संयुक्त ब्रीफिंग के दौरान कहा कि, कम से कम एक तिहाई पाकिस्तान जलमग्न हो गया है और भीषण बाढ़ की वजह से पाकिस्तान को कम से कम 30 अरब डॉलर से ज्यादा का नुकसान हुआ है। जिसके बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने हाथ फैलाकर दुनिया से मदद मांगी है और मदद नहीं मिलने पर पाकिस्तान की स्थिति विकराल होने की आशंका जताई है।

 

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