प्रधानमंत्री जॉनसन की कुर्सी पर मंडरा रहा खतरा टला

लंदन

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन की कुर्सी पर मंडरा रहा खतरा फिलहाल टल गया है। 211 सांसदों को वोट के साथ उन्होंने विश्वास प्रस्ताव जीत लिया है। खास बात है कि जॉनसन सरकार बढ़ती महंगाई और पार्टीगेट स्कैंडल के चलते विवादों में घिरी हुई है। खास बात है कि कंजरवेटिव पार्टी के मौजूदा नियमों के अनुसार, इस जीत के साथ ही जॉनसन को कम से कम 12 महीनों तक किसी अन्य अविश्वास प्रस्ताव का सामना नहीं करना होगा।
     
अविश्वास प्रस्ताव के लिए कुल 359 वोट डाले गए थे। इनमें 148 के मुकाबले जॉनसन ने 211 मतों के साथ जीत दर्ज कर ली है। कोविड लॉकडाउन के दौरान 10 डाउनिंग स्ट्रीट पर पार्टियां करने के बाद कंजर्वेटिव पार्टी के 40 से ज्यादा सांसदों ने पीएम जॉनसन के इस्तीफे की मांग की थी।

अविश्वास प्रस्ताव का सामना करने के लिए जॉनसन की 180 कंजर्वेटिव सांसदों के वोट की जरूरत थी। ब्रिटिस संसद में कुल 359 सांसद हैं। इस अहम मतदान से पहले पीएम जॉनसन ने दर्जनों ने समर्थन हासिल करने की कोशिश में दर्जनों सांसदों का संबोधित किया था। पार्टीगेट स्कैंडल के चलते जॉनसन की अपनी पार्टी पर खासा असर पड़ा है।

गौरतलब है कि डाउनिंग स्ट्रीट (प्रधानमंत्री आवास) में जून 2020 में आयोजित एक जन्मदिन पार्टी में कोविड-19 लॉकडाउन संबंधी नियमों के उल्लंघन के आरोप को लेकर 40 से अधिक सांसदों ने जॉनसन के इस्तीफे की मांग की है। मामला लंबे समय से चर्चा में बना हुआ है और शीर्ष सिविल सेवक सू ग्रे के नेतृत्व में की गई जांच की विफलताओं को लेकर भी कई सवाल उठाए गए हैं।

स्कॉटलैंड यार्ड जांच के बाद जारी रिपोर्ट में कहा गया था कि कोरोना वायरस के प्रसार को नियंत्रित करने के लिए 2020-2021 के लॉकडाउन के दौरान सरकारी कार्यालयों के भीतर दलों ने नियमों का उल्लंघन किया। जॉनसन और उनकी पत्नी कैरी पर जून 2020 में डाउनिंग स्ट्रीट के कैबिनेट रूम में लॉकडाउन नियमों का उल्लंघन करते हुए जन्मदिन की पार्टी आयोजित करने के लिए जुर्माना भी लगाया गया था। 

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