US-Pakistan-China: एक अमेरिकी दस्‍तावेज ने कैसे बढ़ाई पाकिस्‍तान और चीन की धड़कनें

नई दिल्‍ली
 अमेरिका के एक सरकारी दस्‍तावेज ने पाकिस्‍तान और चीन की धड़कनों को बढ़ाने का काम किया है। हालांकि, दोनों की वजह अलग है लेकिन परेशानी दोनों के लिए ही है। दरअसल, अमेरिका ने कुछ दिन पहले US National Security Strategy 2022 रिपोर्ट को जारी किया था। इस अहम दस्‍तावेज में चीन को अमेरिका और विश्‍व के लिए सबसे बड़ा खतरा बताया गया है। इस दस्‍तावेज ने जहां अमेरिका-चीन के रिश्‍तों की खाई को बढ़ाने का काम किया है वहीं उसकी चिंता भी बढ़ा दी है।
 
दस्‍तावेज में चीन का जिक्र
इसको देखते हुए भविष्‍य में अमेरिका चीन को अपने लिए बड़ा खतरा मानते हुए क्‍या कदम उठाएगा इसकी अटकलें फिलहाल लगाना मुश्किल है। पहले से दोनों के बीच कई मुद्दों पर जबरदस्‍त टकराव है जिसकी वजह से कई बार दोनों आमने-सामने आ चुके हैं। अमेरिका ने चीन पर कई तरह के प्रतिबंध भी लगाए हुए हैं। मौजूदा दस्‍तावेज इस बात की तरफ इशारा कर रहा है कि निकट भविष्‍य में दोनों देशों के बीच संबंधों के सुधरने की काफी कम है। ऐसे में ये निश्चित है कि तनाव बढ़ेगा। पूर्व राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप के कार्यकाल से अधिक हुआ है। चीन की बड़ी समस्‍या ये है कि अमेरिका उसकी वन चा‍इना पालिसी को मानता है लेकिन, ताइवान पर वो इस नीति को सिरे से खारिज कर देता है।
 

पाकिस्‍तान का जिक्र
इस दस्‍तावेज में पाकिस्‍तान का कहीं कोई नाम नहीं है। उसकी सबसे बड़ी समस्‍या और चिंता यही है। दरअसल, पिछले कुछ माह में जिस तरह से दोनों के बीच संबंधों में गरमाहट आई थी, उसको देखते हुए कहा जा रहा था कि दोनों के बीच हालात फिर सामान्‍य होने की तरफ आगे बढ़ रहे हैं। पाकिस्‍तान ने भी इन पर काफी बढ़चढ़कर बयान दिए थे। पाकिस्‍तान ने यहां तक कहा था कि वो अमेरिका का करीबी और अहम सहयोगी है। लेकिन, ताजा दस्‍तावेज ने इसकी पोल खोल दी है। पाकिस्‍तान को इस दस्‍तावेज में कहीं कोई सहयोगी करार नहीं दिया गया है। पाकिस्‍तान के लिए ये उसकी उम्‍मीदों पर पानी फिरने जैसा ही है। इस दस्‍तावेज से पाकिस्‍तान को लेकर जो संकेत आ रहे हैं वो कुछ वैसे ही हैं जो इस वर्ष की शुरुआत में थे।

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