कुरकुरे पापड़ नहीं है हेल्‍दी, हार्ट डिजीज और हो सकती है एसिडिटी

खाने के साथ अगर पापड़ मिल जाए, तो वाह कहने ही क्‍या खाना का मजा और भी दोगुना हो जाता है। दाल चावल हो या पूरी सब्‍जी पापड़ तो जैसे खाने की हर कमी को पूरा कर देता है। लेकिन क्या आपको पता है कि खाने का स्‍वाद बढ़ाने वाला चटपटा और कुरकुरा पापड़ आपके स्वास्थ्य का स्वाद भी बिगाड़ सकता है? दरअसल पापड़ कई तरह के होते हैं और इन्हें विभिन्न प्रकार के आटे से तैयार किया जाता है।
पापड़ों को स्वादिष्ट बनाने के लिए इसमें कई तरह के आर्टिफिशियल फ्लेवर्स और कलर एड किये जाते हैं, जो कि सेहत पर बुरा असर डाल सकते हैं। जान‍िए पापड़ खाने के क्‍या कुछ नुकसान हो सकते है?

1 पापड़ मतलब (लगभग 13 ग्राम)
कैलोर‍िज – 35 से 40 कैलोरी
प्रोटीन – 3.3 ग्राम
फैट – 0. 42 ग्राम
कार्बोहाइड्रेड – 7.8 ग्राम
सोडियम- 226 मिली ग्राम

सोडियम बेंजोएट की मात्रा
पापड़ में सोडियम बेंजोएट जैसे प्रीज़र्वटिव (यानि पापड़ को लंबे समय तक सही रखने का तत्व) की मात्रा अधिक होती है। सोडियम बेंजोएट से आपके शरीर पर कई हानिकारक प्रभाव पड़ते हैं। एक अध्ययन के अनुसार, सोडियम बेंजोएट और आर्टफिशल कलर के मिश्रण से बच्चों में अतिसक्रियता बढ़ सकती है। इसका मतलब हुआ कि ज्यादा पापड़ खाने से आपका स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ सकता है।

नमक की अधिक मात्रा
इसमें नमक की मात्रा सोडियम बेंजोएट का स्रोत बन जाता है। जाहिर है नमक की अधिक मात्रा भी स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होती है। ये हाइपरटेंशन, हार्ट डिजीज़, पानी की कमी और सूजन का कारण बन सकता है।

एसिडिटी का जोखिम
बाज़ार में उपलब्ध पापड़ को विभिन्न तरह के मसालों से तैयार किया जाता है। इससे आपका पाचन तंत्र प्रभावित हो सकता है और आपको एसिडिटी की समस्या हो सकती है।अधिक पापड़ खाने से पापड़ का आटा आंतों की परत को सख्त कर देता है जिससे कब्ज की शिकायत हो सकती है।

तेल की अधिक मात्रा
लोग पापड़ को तलने के बाद खाना ज्यादा पसंद करते हैं। जाहिर है तलने से इसमें भी तेल की मात्रा भी अधिक हो जाती है। ये आपका कोलेस्ट्रॉल लेवल को बढ़ाकर आपको हृदय रोगों की ओर ले जा सकता है।

बढ़ाता है मोटापा
पापड़ का सेवन करने से मोटापा बढ़ता है क्योंकि इसमें 2 रोटी जितनी कैलोरी होती है। अगर आप अपना वजन कम करना चाहते है तो इसका सेवन न करे।

अनहाइज‍ीन भी एक वजह
पापड़ को बनाने का तरीका आपके लिए चिंता का विषय हो सकता है। इसे धूप में खुले स्थान पर सुखाया जाता है। जाहिर है खुले स्थान पर वायु प्रदूषण के कारण ये ख़राब हो सकता है।

 

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