क्‍या ग्रीन टी पीने से सचमुच वजन कम होता है

हमारी वेट लॉस सीरीज की यह तीसरी कड़ी है. आज हम बात करेंगे ग्रीन टी के बारे में. वजन घटाने के साथ ग्रीन टी का क्‍या संबंध है? क्‍या सचमुच ग्रीन टी पीने से वजन कम होता है? अगर हम इंटरनेट पर तलाशें तो कई ऐसे आर्टिकल मिल जाएंगे, जो ग्रीन टी पीने से वजन कम होने का दावा करते हैं. अंग्रेजी के आर्टिकल तो इस संबंध में हुई रिसर्च और स्‍टडी का भी हवाला देते हैं, लेकिन वे ये नहीं बताते कि यह रिसर्च किस यूनिवर्सिटी या मेडिकल कॉलेज में हुई है. कौन से डॉक्‍टर इस अध्‍ययन में शामिल रहे हैं. इस रिसर्च की प्रामाणिकता क्‍या है.

क्‍या ग्रीन टी से वजन घटने की बात मिथ है
ग्रीन टी पर विकीपीडिया का पेज यह कहता है कि इसके सेवन से वजन कम होने के कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है. ऐसी किसी मेडिकल अध्‍ययन में साबित नहीं हुआ है. तो क्‍या इंटरनेट पर सैकड़ों लेखों और हजारों पन्‍नों में फैली हुई ग्रीन से वजन कम करने की जानकारियां झूठी हैं?

नहीं. यह पूरी तरह झूठ नहीं है, लेकिन सच यह भी नहीं है कि ग्रीन टी वजन कम करती है. हमारे शरीर के वजन का संबंध समूचे मेटाबॉलिज्‍म, पाचन तंत्र आदि से होता है. तो दरअसल ग्रीन टी करती यह है कि ये मेटाबॉलिज्‍म को दुरुस्‍त करने में मदद करती है, शरीर से टॉक्सिक तत्‍वों की सफाई करती है और शरीर को सुचारू रूप में चलने में अपना सहयोग देती है. लेकिन इसके लिए जरूरी है कि उसका संतुलित मात्रा में सेवन किया जाए. एक सीमा से अधिक ग्रीन टी का सेवन शरीर में टॉक्सिन पैदा करने लगता है और इसका प्रभाव उल्‍टा पड़ने लगता है.

ग्रीन टी में कौन से तत्‍व होते हैं
ग्रीन टी में फैट और कार्बोहाइड्रेट शून्‍य होता है. प्रोटीन की मात्रा बहुत मामूली होती है. इसमें कैल्शियम, आयरन, मैग्‍नीशियम, मैंगनीज पोटैशियम और सेाडियम होते हैं. इसके अलावा विटामिन बी 1, विटामिन बी 2, विटामिन बी 3 और विटामिन बी 6 भी पाया जाता है.

कैसे काम करती है ग्रीन टी
1. ग्रीन टी में पाए जाने वाले एंटी ऑक्‍सीडेंट तत्‍व शरीर में स्टिमुलेंट का काम करते हैं. ये अतिरिक्‍त चर्बी को बढ़ने से रोकते हैं और फैट को शरीर में जमा नहीं होने देते.
2. यदि तला-भुना और भारी खाना खाने के बाद एक कप गर्म ग्रीन टी का सेवन किया जाए तो य‍ह आंतों में चिपकने वाले तैलीय तत्‍वों को साफ करने का काम करती है, फैट को इकट्ठा नहीं होने देती और गरिष्‍ठ भोजन को पचाने में मदद करती है.
3. ग्रीन टी में कैथेचिन नामक एंटी ऑक्‍सीडेंट होता है, जो मेटाबॉलिज्‍म को दुरुस्‍त करने का काम करता है. जब मेटाबॉलिज्‍म सही काम करता है तो जाहिर है हमारा खाया हुआ भोजन शरीर में जमा होने की बजाय ऊर्जा में तब्‍दील होता है.

4. चूंकि इसमें कैलरी ना के बराबर होती है तो इसे पीने से पहले कैलरीज का डर नहीं सताता. लेकिन इसका मतलब ये भी नहीं है कि आप दिन में दस कप ग्रीन टी पिएं.
5. साधारण चाय में सबसे ज्‍यादा नुकसानदायक तत्‍व उसमें डाला जाने वाला दूध होता है. दूध में सबसे ज्‍याद कैलरी और फैट होता है, जो बेहद नुकसादायक है. ग्रीन टी की खासियत यह है कि इसमें दूध नहीं पड़ता. अगर आप अपना यह रूटीन बना लें कि सुबह की चाय या कॉफी भी बिना दूध के ही पिएंगे तो इससे भी आपको अपना वजन नियंत्रित करने में मदद मिलेगी.
6. आमतौर पर यह सलाह दी जाती है कि ग्रीन टी में शक्‍कर का प्रयोग न करें. फिर भी यदि आपको बिलकुल फीकी चाय पसंद नहीं है तो आप उसमें थोड़ा सा ऑर्गेनिक शहद या गुड़ मिला सकते हैं.

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