बालों से जुड़े कॉमन मिथ्स और फैक्ट्स

आयुर्वेद की मानें तो हफ्ते में एक-दो बार तेल लगाकर अच्छी तरह सिर की मसाज करने से खून का दौरा बढ़ता है, जो कि बालों की ग्रोथ और मजबूती के लिए बहुत जरूरी है। वैसे तो मसाज किसी भी तेल से कर सकते हैं लेकिन आंवला तेल, जैतून का तेल, नारियल तेल या तिल के तेल को अच्छा माना जाता है। रोज बाल धोने से बाल गिरते हैं, मजबूत बालों के लिए रोज तेल लगाना चाहिए… बालों से जुड़े इस तरह के कई मिथक हैं जिनमें कोई सच्चाई नहीं है। आगे की तस्वीरों में जानें, बालों से जुड़े मिथक और उनकी हकीकत…

मिथक- जल्दी-जल्दी धोने पर बाल टूटेंगे
सिर को गंदा रखने पर ज्यादा बाल झड़ते हैं, जबकि नियमित शैंपू करने पर कम। जो लोग खुले में ज्यादा नहीं जाते और ज्यादातर एसी में रहते हैं, वे हफ्ते में दो-तीन बार शैंपू करें। जो बाहर का काम करते हैं या जिन्हें पसीना ज्यादा आता है, उन्हें रोजाना बाल धोने चाहिए।

मिथक- हर्बल शैंपू में डिटर्जेंट नहीं
जो शैंपू झाग देता है, उसमें डिटर्जेंट जरूर होता है। हर्बल शैंपू भी इसका अपवाद नहीं है। महज शिकाकाई या रीठा की कुछ बूंदें डालने से चीजें नहीं बदलतीं। डिटर्जेंट्स से बचना है तो रीठा, शिकाकाई और मेहंदी का मिक्सचर घर में बनाएं और इससे ही बालों को धोएं।

मिथक- एक्स्ट्रा प्रोटीन वाले शैंपू या लोशन बेहतर
कई शैंपू एक्स्ट्रा प्रोटीन वाले होने का दावा करते हैं। इसी तरह प्रोटीन युक्त सीरम भी मार्केट में मिलते हैं। बाल धोने के दौरान शैंपू का प्रोटीन बालों के अंदर नहीं जाता। इसका काम बालों की बाहरी सतह यानी क्यूटिकल को साफ करना है। बालों को प्रोटीन की जरूरत है, लेकिन वह खान-पान से मिल सकता है शैंपू या लोशन से नहीं।

मिथक- रोजाना तेल लगाने से मजबूत बाल
तेल बालों को भारी और गंदा बनाता है। नहाने के बाद तेल लगाने का कोई फायदा नहीं है। तेल लगाने से बाल लंबे होने की बात भी गलत है। कई लोगों को लगता है कि तेल लगाकर बाल धोने से बाल मजबूत होते हैं, लेकिन यह सही नहीं है। हां, उनमें लुब्रिकेशन और चमक जरूर आ जाती है।

मिथक- कंडिशनर से बालों को नुकसान
शैंपू करने के बाद बहुत-से लोग कंडिशनर नहीं लगाते। उन्हें लगता है कि इससे बाल कमजोर हो जाते हैं। यह गलत है। कंडिशनर से बालों की चमक बनी रहती है और वे उलझते नहीं हैं। ध्यान रखें कि कंडिशनर सिर की सतह यानी स्कैल्प में न जाए। इससे बालों को नुकसान पहुंचता है।

मिथक- तेल से दूर होता है डैंड्रफ
युवावस्था में हॉमोर्न लेवल में बदलाव की वजह से सिर की स्किन तैलीय हो जाती है और इस वजह से डैंड्रफ होने लगता है। लोगों को लगता है कि बालों में तेल लगाने से डैंड्रफ की समस्या से छुटकारा मिल जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं होता। हां, तेल लगाने से डैंड्रफ झड़ता कम है।

मिथक- नजला/जुकाम से टूटते हैं बाल
नजला-जुकाम से बाल टूटने की भ्रांति बहुत लोगों में होती है। असल में देखा गया है कि नजले-जुकाम आदि से पीड़ित लोग ज्यादातर दवाएं खाते रहते हैं और उनकी सेहत ठीक नहीं होती। इस वजह से कई बार बाल गिरने लगते हैं। नजला/जुकाम से बाल नहीं गिरते।

मिथक- गंजे होने या बाल कटाने से ग्रोथ तेज
कई लोग बाल झड़ते देख गंजे हो जाते हैं या अपने बालों को बहुत छोटा करा देते हैं। उन्हें लगता है कि ऐसा करने से बालों का झड़ना कम हो जाएगा और नए बाल ज्यादा तादाद में आएंगे। यह सोच बिल्कुल गलत है। गंजा होने या बाल कटवा लेने से बालों की ग्रोथ तेज नहीं होती।

मिथक- बाल उखाड़ने से दूसरे बाल सफेद होते हैं
अक्सर लोग सफेद बाल उखाड़ने से मना करते हैं क्योंकि उनका मानना होता है कि अगर एक बाल उखाड़ेंगे तो उसकी जड़ से दव निकलेगा, जो आसपास के बालों को भी सफेद कर देगा। यह भी एक भ्रांति है जो पूरी तरह से गलत है।

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