रसगुल्‍ला या गुलाब जामुन! जानिए क्‍यों छैना खाना है हेल्‍दी ऑप्‍शन

रसगुल्ला के नाम सुनते ही मुंह में पानी आ जाता है। खाने में मीठा, स्‍पंजी और टेस्‍टी रसगुल्‍ला काफी लोगों को मीठे में पहली पसंद है। रसगुल्ले का अविष्‍कार बंगाल में हुआ जहां नोबिन चंद्र दास हलवाई ने सबसे पहले रसगुल्ले बनाए थे। बंगाल के रसगुल्‍ले पूरे दुन‍ियाभर में फेमस है। लेकिन क्या आप जानते है की रसगुल्ला खाने से कुछ जबरदस्त फायदे भी होते है! जिन्हे अपने पहले कभी नहीं सुना होगा।

और आज हम आपको रसगुल्ले के फायदे के बारे में बताने जा रहे है। रसगुल्ले में प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेड, लैक्टोएसिड और केसिन होता है जो सेहत के लिए काफी लाभदायक होता है।

पीलिया करता है ठीक
अगर आप पीलिया की बीमारी से परेशान हैं तो आप रोज सफेद रसगुल्लों का सेवन करें। इससे पीलिया की समस्या बहुत ही जल्द ठीक हो जायेगी।

पेशाब की जलन दूर करने के लिए
जब कोई इंसान अपने पेशाब को ज्यादा देर तक रोक लेता है तो उसे पेशाब करते वक्त जलन महसूस होती है और कभी कभी पेशाब पीला भी आता है। इससे यूरिन इंफेक्‍शन भी दूर होता है। इस समस्या से छुटकारा पाने के लिए रसगुल्लों का सेवन सुबह शाम कर सकते हैं।

प्रेगनेंसी में फायदेमंद
रसगुल्‍ला पनीर से बना हुआ होताहै जो कि प्रोटीन और कैल्शियम का मुख्‍य स्‍त्रोत है। प्रेगनेंसी में रसगुल्‍ला खाने से महिलाओं को कैल्शियम की पूर्ति होती है और ये हड्डियों के ल‍िए फायदेमंद होता है। रस गुल्‍ला खाना अच्‍छा होता है लेकिन मह‍िलाओं को इसकी चासनी से बचना चाहिए।

आंखों की जलन को करे दूर
रोजाना एक रसगुल्ला या छेना खाने से आंखों में होने वाली जलन और पीलापन जैसी समस्या हमेशा के लिए दूर हो जाता है और आंखें भी सुरक्षित रहती है।

थकान करे दूर
अगर किसी इंसान कोई थकान महसूस हो रही हो तो उस इंसान को रसगुल्ले का सेवन जरूर करना चाहिए, रसगुल्ले के सेवन से थकान एक दम दूर हो जाती है।

गुलाब जामुन या रसगुल्‍ला?
रसगुल्ला छेना यानी कच्‍चे पनीर का बना होता है तो वो आपको दूध में पाये जाने वाले हेल्दी तत्व जैसे प्रोटीन और कैल्शियम भी देगा. इस तरह से ये हर मायने में एक गुलाब जामुन से बेहतर ऑप्शन है जो सिर्फ सुगर सिरप और फैट से बना एक बॉल होता है।

 

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