बढ़ती उम्र में भी क्या आपको होती है कील-मुंहासे की समस्या

ऐसा कहा जाता है कि टीनएज यानी कि 13-14 साल से लेकर आपकी जवानी तक आपको चेहरे पर कील, मुंहासे और एक्ने (acne) की समस्या हो सकती है। लेकिन कई बार ऐसा होता है कि 30 साल के बाद भी आपको इन सारी समस्याओं को फेस करना पड़ता है। बड़ा सवाल यह है कि एडल्ट एज में भी एक्ने और पिंपल का कारण क्या होता है और इसे कैसे बचा जा सकता है? तो चलिए आज इस आर्टिकल में हम आपको बताते हैं 30 साल के बाद भी किन लोगों को मुंहासे होते हैं और इसे कैसे ट्रीट किया जा सकता है…

30 की उम्र में एक्ने होने का कारण
30 साल के बाद मुंहासे होने का कारण एक्सेस ऑयल यानी कि सीबम का ज्यादा बनना हो सकता है। तैलीय त्वचा के कारण पोर्स का बंद होना मुहांसों का एक कारण हो सकता है। इसके अलावा बैक्टीरिया और इन्फ्लेमेशन के कारण भी पिंपल्स होते हैं। कई बार 30 साल के बाद शरीर में कुछ ऐसे परिवर्तन होते हैं जिसके चलते हार्मोन डिस्बैलेंस हो जाते हैं और यह मुहांसों के रूप में बाहर आते हैं।

नजरअंदाज ना करें यह चीजें
अगर 30 साल के बाद भी आपको कील, मुहांसों की समस्या होती है, तो आप ज्यादा स्ट्रेस ना लें। इसके अलावा अपने पीरियड्स के दौरान अपनी स्किन का ज्यादा ध्यान रखें। याद रखें कि पिंपल्स का कारण कुछ हेयर प्रोडक्ट और स्किन केयर प्रोडक्ट के साथ ही मेकअप भी हो सकते हैं, जो आपके पोर्स को बंद कर देते हैं। वहीं, खान-पान के कारण भी कील मुहांसों की समस्या हो सकती है। ऐसे में आप जंक फूड, फ्राइड फूड और मीठे से दूर रहें।

पिंपल्स कम करने के टिप्स
अगर आपकी स्किन बहुत ज्यादा ऑयली है तो आप हमेशा जेल बेस या वॉटर बेस प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करें। क्रीम बेस्ड प्रोडक्ट आपके सीबम प्रोडक्शन को और ज्यादा बढ़ा सकते हैं।

इसके अलावा कभी भी मेकअप लगाकर नहीं सोए, क्योंकि ये आपके पोर्स को बंद कर सकता है और इसके कारण पिंपल्स की समस्या और बढ़ सकती है।

अगर आपको कील मुहांसों की समस्या है तो धूप में यह और ज्यादा बढ़ सकता है। ऐसे में दिन के समय कभी भी बिना सनस्क्रीन के घर से बाहर नहीं निकले।

हमेशा खुद को हाइड्रेटेड रखें और एक बैलेंस डाइट लें। जिसमें फल सब्जियों के अलावा प्रोटीन, दही और लीन मीट भी शामिल हो।

ऑयली स्किन होने के बाद भी अपनी स्किन को मॉइश्चराइज करके रखें। इसमें क्लींजिंग टोनिंग मॉइश्चराइजिंग बेहद ज्यादा जरूरी है। इसे दिन में दो बार जरूर करें।

कभी भी पिंपल को हाथ नहीं लगाया और इसे फोड़ने की कोशिश नहीं करें, क्योंकि इससे यह दाग छोड़ देता है और यह दाग लंबे समय तक नहीं जाता। ऐसे में चेहरे को बार-बार हाथ लगाने से बचें।

हर 1 या 2 दिन में अपना तकिए की कवर, टॉवल और फेस पर इस्तेमाल होने वाले चीजों को बदलते रहे और बालों को हफ्ते में तीन से चार बार धोएं, क्योंकि कई बार स्कैल्प ऑयली होने की वजह से भी पिंपल्स होने लगते हैं।

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