पटाखों के प्रदूषण से यूं करें अपना बचाव

दिवाली धूमधाम से मनाइये लेकिन लेकिन दिवाली पर एक बड़ी समस्या जो हर बार देखने को मिलती है वो है प्रदूषण – वायु प्रदूषण और ध्वनि प्रदूषण। ढेरों पटाखों का प्रदूषण वायु में पहले से ही मौजूद प्रदूषण में मिलकर कई बीमारियों के लक्षण पैदा करता है जैसे ब्रोन्काइटिस, अस्थमा आदि। और पटाखों के शोर से सुनने सम्बन्धी परेशानियां हो सकती हैं कुछ लोगों को।   ये प्रदूषण आपकी आंखों के लिए बेहद खतरनाक होता है। इसके कारण आंखों में संक्रमण होना बेहद आम होता है। आंखों के साथ साथ ये प्रदूषण आपके फेफड़ों, त्वचा और कानों के लिए भी बेहद नुकसानदेह होता है क्योंकि पटाखों  के शोर के अलावा उनका धुंआ और इस मौसम में पड़ने वाली धुंध दोनों मिलकर आपको अत्यधिक हानि पहुंचाना शुरू कर देते हैं। दिवाली के दौरान और आगे भी इस प्रदूषण से बचने के लिए आज हम आपको कुछ जरूरी बातें बताने वाले हैं जिनका उपयोग करके आप इस प्रदूषित हवा से अपना बचाव कर सकते हैं।

अस्थमा या श्वास सम्बधी बीमारी के शिकार लोग
अगर आपको या आपके घर में किसी को अस्थमा या श्वास सम्बधी कोई अन्य बीमारी है, तो आपको डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए कि परेशानी होने पर आपको सबसे पहले कौन से कदम उठाने हैं या होम ट्रीटमेंट के क्या तरीके हो सकते हैं। कोशिश करें कि ऐसी जगह पर रहें, जहां पर पटाखों का धुआं या शोर न पहुंचे। मास्क के जरिए बचाव करें। धूल और धुएं की वजह से अपना इनहेलर हमेशा साथ रखें। साथ ही बहुत नमी वाली जगह पर जाने से बचें।

मुश्किल हो तो पहने मास्क पहन सकते हैं
अगर आप पटाखों वाली जगह से गुजर रहें हैं तो अपने आप को बचाने के लिए नाक और मुँह तक मास्क पहन लें। आप केमिस्ट से मास्क खरीद सकते हैं। मास्क की जगह रूमाल या स्कार्फ का इस्तेमाल भी कर सकते हैं। प्रदूषण से ज्यादा असरदार बचाव के लिए मास्क को गीला कर लें।

पटाखों को जलाने के बाद हाथ साबुन से धोएं
पटाखों में कई केमिकल ऐसे होते हैं, जो आपके लिए बहुत हानिकारक है। इनमें से कुछ केमिकल तो ऐसे होते हैं, जिन्हें छूते ही आपकी त्वचा में जलन होने लगती है। ऐसे में आपके बच्चे या आप पटाखें जलाते हैं, तो आपको हाथ धोकर कोई और काम करना चाहिए।

चेहरे और शरीर के खुले हिस्से पर क्रीम या तेल लगाएं
दिवाली की रात काफी ज्यादा मात्रा में पटाखे जलाए जाते हैं, ऐसे में पटाखों का धुआं और हानिकारक केमिकल हवा में घुल जाते हैं। ऐसे में त्वचा का हवा के साथ सीधा संपर्क रोकने के लिए त्वचा की नमी बनाए रखना बहुत जरूरी है।

आंखों के ऊपरी हिस्से पर लगाएं एलोवेरा जेल
आंखों का ऊपरी हिस्सा सबसे नाजुक होता है, जिसपर धुएं का असर सबसे ज्यादा होता है इसलिए आपको इस हिस्से पर एलोवेरा जेल लगाना है जिससे आंखों पर पटाखों के केमिकल और धुएं का कम असर पड़े। इससे आपकी आंखों में जलन नहीं होगी।

ग्रीन पटाखों का इस्तेमाल करें
पटाखे जलाने का एक स्थान सुनिश्चित कर लें। उस स्थान पर पानी, गीला कपड़ा और बर्नआॅल वगैरह रख लें, ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटने में सहायता मिल सके। जहां तक संभव हो ग्रीन पटाखों का इस्तेमाल करें।

चेहरे पर तेलिये उत्पादों का इस्तेमाल न करें
तेल-आधारित मेकअप उत्पादों का इस्तेमाल न करें क्योंकि वे धूल और प्रदूषण के कणों को बहुत जल्दी खींचते हैं। टेलिए फाउंडेशन और कंसीलर का इस्तेमाल करने से बचें। बल्कि अपने चेहरे पर मैट  उत्पादों का इस्तेमाल करें। इसके इस्तेमाल से आपके चेहरे पर प्रदूषित कण नहीं लगेंगे। अगर आपकी त्वचा टेलिए है तो ये टिप आपके लिए बेहद फायदेमंद है। लिक्विड फाउंडेशन  के बाद पाउडर का इस्तेमाल जरूर करें।

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