मीटिंग या काम से पहले भूख न लगना, बार-बार पेशाब आना, तो ये चिंता नहीं पेट की गड़बड़ी है

बहुत से लोग हैं, जो चिंता, तनाव या अवसाद होने पर खाना-पीना छोड़ देते हैं। अक्सर देखा गया है कि तनावपूर्ण स्थिति में कुछ लोगों को ज्यादा भूख लगती है जबकि कुछ लोगों की भूख खत्म हो जाती है और कुछ भी खाने-पीने का मन नहीं करता है। ऐसी ही एक दूसरी स्थिति है, जब कुछ काम शुरू होने से पहले नर्वस होने की वजह से बहुत से लोगों को टॉयलेट जाने की जरूरत महसूस होती है। सवाल यह है कि ऐसा क्यों होता है?

न्यूट्रिशनिस्ट मीनाक्षी का मानना है कि वास्तव में यह दिमाग और आंतों का संचार है। आपकी आंत और दिमाग परोक्ष रूप से जुड़े हुए हैं। यही वजह है कि आपकी आंत और आंत के रोगाणु और दिमाग से संचार करते हैं। इनमें पाचन, भावना, भूख, लालसा, प्रतिरक्षा आदि को लेकर संचार होता है।

वास्तव में आंत और दिमाग का संचार होते रहेना चाहिए। खैर पेट खराब होना चिंता और तनाव के सबसे आम लक्षणों में से एक है। इस वजह से आपको अपच, दस्त, आईबीएस, कब्ज आदि जैसी समस्याएं हो सकती हैं। चलिए जानते हैं कि आप आंतों के स्वास्थ्य को कैसे बढ़ावा दे सकते हैं।

अपने भोजन को पचाएं
भोजन को अच्छी तरह से चबाएं और आराम की स्थिति में रहें ताकि जरूरी गैस्ट्रिक रस का उत्पादन हो। इससे शरीर को दिमाग का समर्थन करने के लिए आवश्यक विटामिन, मिनरल्स आदि को अवशोषित करने में मदद मिलती है।

एक्सरसाइज करें
आपको पेट और आंतों के स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए रोजाना एक्सरसाइज करनी चाहिए। इससे आपको शारीरिक और भावनात्मक दोनों तरह से मजबूत बनने में मदद मिल सकती है।

चिंता और पेट का कनेक्शन

आराम से खाएं और खाने का स्वाद लें
आपको प्लांट बेस्ड फूड्स का अधिक सेवन करना चाहिए। साथ ही आप जो खाते हैं, उसका स्वाद लेने के लिए समय निकालें। हमेशा आंत को स्वास्थ्य को बढ़ावा देने वाली चीजों का सेवन करें।

आंतों के स्वास्थ्य पर ध्यान दें
हमेशा ऐसी चीजों को चुनें, जों आंतों को स्वस्थ रखने में सहायक हैं। ध्यान रहे कि यह एक दिन का काम नहीं है। धैर्य रखें और आंत के स्वास्थ्य के लिए धीरे-धीरे आगे बढ़ें।

डॉक्टर के पास जाएं
अगर आपका पेट हमेशा खराब रहता है, तो आपको इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ध्यान रहे कि पेट सही, तो सब सही। पेट में कुछ भी गड़बड़ी होने पर आपको डॉक्टर की हेल्प लेनी चाहिए।

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