जहरीली हवा में सांस लेने वाली महिलाओं के गर्भ में पहुंच रहे पार्टिकल्स

हवा का प्रदूषण सभी के लिए खतरनाक है। इसके चलते समय से पहले बच्चे का जन्म, मिस कैरेज, जन्म के समय कम वजन आदि डिसआॅर्डर्स पैदा होते हैं। लेकिन, वैज्ञानिकों को पहली बार गर्भ में पल रहे बच्चे के फेफड़ों और दिमाग में प्रदूषण और उसमें मौजूद जहरीले पार्टिकल्स मिले हैं। ये पार्टिकल्स मां से बच्चे में पहुंचे हैं।

लैंसेट प्लैनेटरी हेल्थ जर्नल में प्रकाशित नई रिसर्च में यह भी पता चला कि प्रदूषण के कण प्लेसेंटा में भी पाए गए हैं। स्कॉटलैंड और बेल्जियम में 7 से 20 हफ्ते के 36 भ्रूण पर स्टडी के बाद वैज्ञानिकों ने कहा कि यह खोज चिंताजनक हैै। एक क्यूबिक मिलीलीटर टिश्यू में हजारों ब्लैक कार्बन के पार्टिकल्स मिले हैं, जो गर्भावस्था में मां के सांस लेने से खून और प्लेसेंटा से भ्रूण में चले गए।

भ्रूण के अंगों में पहुंच रहे प्रदूषण के कण
प्रदूषण के ये पार्टिकल्स गाड़ियों, घरों और फैक्ट्री से निकले धुएं के कालिख से बनते हैं। शरीर में सूजन पैदा करते हैं। अध्ययन में शामिल एबरडीन यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर पॉल फाउलर का कहना है कि पहली बार देखा गया है कि ब्लैक कार्बन नैनोपार्टिकल्स मां के गर्भ के पहली और दूसरी तिमाही में प्लेसेंटा में चले जाते हैं और विकसित हो रहे भ्रूण के अंगों में भी अपना रास्ता खोज लेते हैं। फाउलर के अनुसार चिंता वाली बात यह भी है कि ये विकसित हो रहे दिमाग में भी चले जाते हैं। रिसर्च के को-लीडर प्रोफेसर टिम नवरोट का कहना है कि इंसान के विकास के सबसे संवेदनशील स्टेप के बारे में सोचना और उसको सही पोषण मिलना जरूरी है।

पूरी जिंदगी रह सकता है प्रदूषण का असर
दुनिया की 90 फीसदी आबादी उन जगहों पर रहती है जहां वायु प्रदूषण मानकों को पार कर चुका है। ताजा अध्ययन प्रभावी ढंग से बता रहा है कि जहरीले कण गर्भ में अजन्मे बच्चे के दिमाग को प्रभावित करते हैं। आशंका है कि ये बच्चे के लिए पूरी जिंदगी पर असर डाल सकते हैं।

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