पलकों पर झुर्रियां छुपाने के उपाय

अक्सर झुर्रियों की समस्या आंखों के आसपास से शुरू होती है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि आंखों के आसपास की त्वचा काफी नाजुक होती है। शरीर में हो रही कमी, उम्र का असर, तनाव आदि कारणों से यहां झुर्रियां देखने को मिलती हैं। जब हम हंसते हैं तो आंखों के आसपास त्वचा सिकुड़ना शुरू हो जाती है।

आंखों के ऊपर और आसपास की झुर्रियों को कम करने के लिए कई ब्यूटी ट्रीटमेंट हैं, जिनका सहारा लिया जा सकता है। पीआरपी ट्रीटमेंट, केमिकल पील आदि जैसे कई ब्यूटी ट्रीटमेंट हैं, जो आंखों की झुर्रियों को कम कर सकते हैं। हालांकि, इन ट्रीटमेंट के लिए आपको अच्छे खासे पैसे खर्च करने की आवश्यकता होती है, जो हर किसी के बस की बात नहीं होती। हालांकि, अगर आप सस्ता तरीका ढूढ़ रहे हैं तो मेकअप से बेस्ट कुछ नहीं।

मेकअप के जरिए आंखों की झुर्रियों को ना सिर्फ आसानी से छुपाया जा सकता है बल्कि उन्हें एक अच्छा लुक भी दिया जा सकता है। ब्यूटी फील्ड में 20 साल का एक्सपीरियंस रखने वाली पूनम शुक्ला के अनुसार, अगर आपकी आंखों के ऊपर की त्वचा पर झुर्रियां हैं, तो आप उन्हें मेकअप से काफी हद तक कम कर सकते हैं।
​सही प्रोडक्ट का चुनाव करना है

पूनम शुक्ला के अनुसार, आंखों की झुर्रियों को कम करने के लिए जिस भी मेकअप प्रोडक्ट का इस्तेमाल करें, वो लाइट वेट होना चाहिए। दरअसल, आंखों के आसपास की त्वचा पतली होती है, ऐसे में ज्यादा थिक या हैवी प्रोडक्ट झुर्रियों को कम करने के बजाए बढ़ा सकते हैं। इसलिए अच्छी क्वालिटी के मीन रिलाइज प्रोडक्ट ही चुनें।

​टेक्स्चर एंड शेड का रखें ध्यान

मैट फिनिश के कॉस्मेटिक को यूज करने से झुर्रियों को काफी हद तक छुपाया जा सकता है। जहां तक हो सके झुर्रियों वाली आंखों पर मेकअप करते वक्त ग्लिटर का इस्तेमाल ना करें। ग्लिटर रिंकल वाली आंखों को सुंदर बनाने की जगह और भी खराब लुक दे सकता है।

​आइब्रो को परफेक्ट शेप में रखें

आइब्रो आंखों की शेप को बदलने में एक बड़ा रोल अदा करती हैं। जब भी इस तरह की आंखों का मेकअप शुरू करें तो सबसे पहले आइब्रो को थोड़ी हाइट दें। अगर झुर्रियां बढ़ती उम्र की वजह से हैं तो जाहिर है कि आइब्रो के बाल भी कम होंगे और उनमें खालीपन भी होगा। इसलिए रिंकल आईज के खालीपन को कम करने के लिए महीन आइब्रो करेक्टर से आइब्रो को थोड़ी हाइट दें। और छोटे-छोटे स्टॉक लेते हुए आइब्रो को फिल करें। आइब्रो करेक्टर हमेशा डार्क ब्राउन या बालों से मिलता-जुलता कलर का ही यूज़ करें। आंखों को ब्राइटनेस और हाइट दोनों मिलेगी। जिससे की आंखें और भी आकर्षक लगेंगी ।

​हाई लाइटिंग एंड आईशैडो

आई मेकअप शुरू करने से पहले हमेशा स्मूथ और मीनरिलाइज्ड प्राइमर का प्रयोग करें। आइब्रो के नीचे का हिस्सा जिसे हाई लाइटिंग एरिया या बॉन एरिया कहते हैं

ज्यादातर झुर्रियों वाली आंखों में यह एरिया थोड़ा झुका हुआ होता है। इसलिए कभी भी ऐसी आंखों पर मेकअप करते वक्त शिमर हाइलाइटर यूज ना करें। आइज की क्रॉस लाइन जहां पर ज्यादातर फाइन लाइंस होती हैं वहां पर हमेशा डार्क कलर का ही प्रयोग करना चाहिए। जैसे कि ब्राउन, ग्रे, और वाइन कलर इत्यादि। ऐसी आंखों को कभी भी आईलीड से बाहर आई मेकअप ना करें। अगर आंखों को हल्का उभार देना हो तो हम आंखों के बीच में लाइट ग्रे या बेज कलर के आईशैडो का प्रयोग कर सकते हैं।

​लाइनर और मस्कारा का इस्तेमाल

आप सभी को पता है कि आंखों की त्वचा बहुत ही नाज़ुक होती है। इसलिए हमेशा ही झुर्रियों वाली आंखों पर जेल बेस्ड मैट फिनिश के लाइनर मस्कारा ही इस्तेमाल करना चाहिए। मस्कारा हाई वॉल्यूम भी यूज़ किया जा सकता है। अगर आईलीड के निचले कॉर्नर यानी आई लैशेज के पास रिंकल हों तो कभी भी फाइन लाइन न लगाएं। हमेशा मर्ज्ड जेल लाइनर ही लगाएं।

​आईलैशेज और काजल ऐसे करें अप्लाई

पलकें यूं तो आंखों की खूबसूरती में चार चांद लगा देती हैं, लेकिन झुर्रियां ज्यादा हैं और पलकें झुकी हुई हैं, तो नकली पलकें लगाने से बचना चाहिए। दरअसल, नकली पलकें झुर्रियों से टकराएंगी और मेकअप को खराब कर देंगी। अगर आंखों की असली पलकें बहुत ही कम हैं और आंखें एकदम खाली लग रही हों तो बहुत ही हल्की और नेचुरल लाइट वेट आईलैशेज लगाई जा सकती हैं। ध्यान रहे पलकें ज्यादा लंबी नहीं होनी चाहिए। काजल वाटर लाइन छोड़ के कुछ बाहर की ओर लगाना चाहिए इससे आंखें थोड़ी बड़ी लगेंगी। आंखों के अंदर नेचुरल कलर का काजल लगाने से आप अपनी आंखों को एक नई चमक दे सकती हैं। (photo credit: pexels)

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