विवादित जमीनों पर बड़ा फैसला, कब्जे की जमीन का प्रीमियम भरो, पट्टा पाओ

भोपाल
राज्य शासन ने सौ एकड़ या इससे अधिक भूमि पर काबिज शहरी क्षेत्र के लोगों को धारणाधिकार अधिनियम में तीस साल के लिए जमीन का मालिकाना देने की व्यवस्था को अमलीजामा पहनाना शुरू कर दिया है। इसकी शुरुआत राजधानी के ईदगाह हिल्स स्थित 600 एकड़ विवादित जमीन में से अलग-अलग टुकड़ों में 65.65 हेक्टेयर भूमि को धारणाधिकार के अंतर्गत नोटिफाई करके की गई है। इसी तरह की प्रक्रिया कलेक्टरों के प्रस्ताव पर अन्य जिलों में भी अपनाई जाएगी। इसके अंतर्गत एक निश्चित अवधि का प्रीमियम कलेक्टर गाइडलाइन के आधार पर जमा कर वहां काबिज लोग पट्टा हासिल कर जमीन के मालिक बन सकेंगे। इसके बाद उन्हें बैंक लोन, रजिस्ट्री और अन्य शासकीय देयताओं का लाभ मिलना आसान हो जाएगा।

यह शर्त…
 इस मामले में यह स्थिति जरूर बनेगी कि यहां काबिज लोगों को यह स्वीकार करना होगा कि जमीन सरकारी है।

21 साल से चल रहा है जमीन का विवाद
 राजस्व विभाग द्वारा भोपाल शहर के ईदगाह ड्योढ़ी की भूमि के 11 अलग-अलग खसरों को नोटिफाई  किया गया है। ईदगाह हिल्स की जमीन पर मालिकाना हक को लेकर 21 साल से विवाद चल रहा है। इस जमीन को राज्य सरकार सरकारी घोषित कर चुकी है जबकि नवाब के परिजनों ने यह जमीन बेच दी है और लाखों लोग यहां काबिज हैं। ऐसे में इस जमीन को लेकर कोई फैसला नहीं हो पाने से यहां खरीदी बिक्री और नामांतरण भी विवादों में रहे हैं। दो साल पहले राजस्व विभाग द्वारा बनाए गए धारणाधिकार अधिनियम में अब इस जमीन को शामिल कर लिया गया है।

इन खसरा नम्बर की जमीन हुई नोटिफाई
जिन 11 खसरा नम्बरों की जमीन नोटिफाई की गई है उनमें 15/1 की 204440 वर्गमीटर, खसरा 25/1/2 की 2790, 25/2 की 12140, खसरा 26 की 164100, खसरा 28/1/1/2 की 8090 वर्गमीटर जमीन शामिल है। इसी तरह खसरा नम्बर 27/2,34/2, 35/2/1 की 3480, खसरा 94 की 87490, खसरा 96 की 9030, खसरा 97 की 15090, खसरा 103 की 9670 और खसरा नम्बर 105/1/1 में आने वाली 140180 वर्ग मीटर जमीन भी नोटिफाई की गई है।

यह है एक साल पहले की स्थिति
ईदगाह ड्योढ़ी में निजी उपयोग वाली बैरागढ़ सर्किल की 150 एकड़ जमीन में से 90 एकड़ पर नजी कॉलोनियां बनी हैं। इसमें 749 मकान बने हुए हैं, जबकि 288 प्लॉट खाली पड़े हुए हैं। इस तरह कुल 1037 लोगों के मकान और प्लॉट हैं। बची हुई 60 एकड़ जमीन का उपयोग रोड, पार्क और अन्य कामों में हो रहा है। इसमें से कुछ मकानों का स्कूल सहित अन्य कार्यों के लिए कॉमर्शियल उपयोग हो रहा है। इसी तरह शहर सर्किल के दायरे में आ रही 44.37 एकड़ जमीन में से 22.59 एकड़ जमीन में 72 मकान बने हैं। बची हुई 21.79 एकड़ जमीन खाली पड़ी है। इसमें से कुछ जमीन का उपयोग रास्ते, पार्क आदि के रूप में हो रहा है।

इन्हें सरकार ने दी जमीन
सरकार ने इस क्षेत्र में मिलिट्री को 125.96 एकड़, टीबी हॉस्पिटल को 94.39 एकड़, अल्प आय कर्मचारी गृह निर्माण समितियों को 68.59 एकड़, राम नगर में शासकीय भवनों के निर्माण के लिए 19.74 एकड़ तथा झुग्गी बस्ती व अन्य निर्माण – 29.06 एकड़ आवंटित कर रखी है।

यहां इनका कब्जा
सार्वजनिक गृह निर्माण समिति, वेंकटेश सोसायटी, पार्किंग ईदगाह, रितु गृह निर्माण सोसायटी, रिलायबल कॉलोनी, मसूद अली, मौलाना आजाद गृह निर्माण समिति, टीबी हॉस्पिटल तथा मिलिट्री का कब्जा है। मिलिट्री वालों ने 8 एकड़ जमीन पर कब्जा कर रखा है।

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