एनकाउंटर के बाद भी पुलिस की चिंता कम नहीं, नक्सलियों की घुसपैठ नहीं हो रही कम

बालाघाट
बालाघाट में तीन नक्सलियों के एनकाउंटर से पहले भी पुलिस पिछले डेढ़ साल में दो और एनकाउंटर कर चुकी है, लेकिन नक्सलियों की घुसपैठ इन क्षेत्रों में कम नहीं हो पा रही है। नक्सलियों ने छत्तीसगढ़ से सटे प्रदेश के तीन जिलों के आगे भी अपना नेटवर्क बढ़ाने का काम तेज कर दिया है। इस एनकाउंटर के बाद भी पुलिस की चिंता कम नहीं हुई है।

नक्सलियों ने पिछले डेढ़ साल में मुखबिरी के शक में कुछ ग्रामीणों की हत्या कर चुके हैं। सड़क निर्माण में लगी मशीनरी और तेंदुपत्ता फड़ में आगजनी की वारदातों को अंजाम देते रहे हैं। हालांकि इन वारदातों के बाद यहां की पुलिस, हॉक फोर्स ने नक्सलियों को मुंहतोड़ जवाब दिया है। पुलिस और हॉक फोर्स ने मिलकर नवंबर और दिसम्बर 2020 में दो एनकाउंटर में तीन नक्सलियों को मार गिराया था। सोमवार को लांजी के बहेला चौकी के जंगल में तीन और नक्सलियों को मार गिराया है। चार महिलाओं समेत अब तक डेढ़ साल में 6 नक्सलियों को मार गिराने में पुलिस ने सफलता पाई है।

दरअसल नक्सली इन दिनों अमरकंटक के आसपास अपना कमांड सेंटर बनाने की तैयारी में है। पहले यह कमांड सेंटर महाराष्टÑ, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश की बॉर्डर पर था। इस कमांड सेंटर वाले हिस्से पर अब महाराष्ट पुलिस मुस्तैद हो गई है, लिहाजा अब नक्सली मध्य प्रदेश में छत्तीसगढ़ बॉर्डर से सटे हिस्से को अपना नया कमांड सेंटर बनाने की तैयारी में है।

डेढ़ साल पहले मारी गई थी दो महिलाएं
नक्सलियों के साथ महिलाओं को होना भी पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ है। इससे पहले वर्ष 2020 में हुए एनकाउंटर में किरनापुर चौकी के बोखन-सिरका जंगल में दो महिला नक्सलियों को एनकाउंटर में मार गिराया था। इसमें एक महिला एरिया कमेटी की सदस्य थी, जबकि दूसरी छत्तीसगढ़ के जंगलों में कई वारदातों को अंजाम दे चुकी शारदा पुंजे थी।

 

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