आगामी वर्षों में परम्परागत से अधिक नवकरणीय ऊर्जा उत्पादन की संभावना

भोपाल

नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री हरदीप सिंह डंग ने शुक्रवार को विभागीय गतिविधियों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सभी प्रगतिरत परियोजनाएँ निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करें। छह सौ मेगावॉट की ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सौर परियोजना के द्वितीय चरण के लिये जल्द ही निविदा आमंत्रित की जा रही है। प्रथम चरण में 300 मेगावॉट की रिवर्स बिडिंग यूनिट में 3 यूनिट के लिये एनएचडीसी, एएमपी एनर्जी और एसजेवीएन लिमिटेड का चयन न्यूनतम दरों के साथ किया गया है। उम्मीद की जा रही है कि विभिन्न परियोजनाओं के पूरा होने पर प्रदेश में ग्रीन ऊर्जा का उत्पादन परम्परागत ऊर्जा से अधिक हो जायेगा। विभागीय प्रमुख सचिव संजय दुबे भी मौजूद थे।

बैठक में जानकारी दी गई कि कि आगर सौर परियोजना (550 मेगावॉट), शाजापुर सौर परियोजना (450 मेगावॉट) और नीमच सौर परियोजना (500 मेगावॉट) के विकासकों की चयन प्रक्रिया पूर्ण की जाकर 95 प्रतिशत भूमि आवंटित कर दी गई है। शेष भूमि आवंटन प्रक्रिया अंतिम चरण में है। परियोजनाओं से जून-2023 में उत्पादन प्रस्तावित है।

मंत्री डंग ने निर्देश दिये कि सौर ऊर्जा स्थापना करने नागरिकों की सुविधा के लिये ऊर्जा विकास निगम की वेबसाइट पर आवेदन प्रक्रिया अपलोड करें। शासकीय भवनों की छतों पर सौर ऊर्जा पैनल लगाने के लिये सभी विभागाध्यक्षों को पत्र लिखा जा चुका है। शासकीय कार्यालयों, अस्पतालों, कॉलेजों में रूफटॉप सिस्टम लगाने की कार्रवाई शुरू हो चुकी है। घरों की छतों पर ऊर्जा विभाग द्वारा 3 से 10 किलोवॉट तक के पैनल लगाने पर 30 प्रतिशत का अनुदान दिया जाता है। बैठक में कुसुम योजना, साँची सोलर सिटी, ऊर्जा साक्षरता अभियान, सोलर पम्प, वर्तमान योजनाओं की प्रगति और भावी योजनाओं की रूपरेखा पर भी चर्चा की गई।

 

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