15 अक्तूबर से शुरू पंजाब में पशु मेले शुरू होंगे, सीएम मान का किसान संगठनों के साथ बैठक के बाद ऐलान

चंडीगढ़
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने गुरुवार को सूबे की 31 किसान संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक के बाद एलान किया कि राज्य सरकार 15 अक्तूबर से राज्य में पशु मेले खोलने जा रही है। इन मेलों को लंपी स्किन रोग फैलने के कारण बंद कर दिया गया था। पंजाब भवन में किसान संगठनों के साथ दो चरणों की बैठक में लिए गए फैसलों के बारे में पत्रकारों को जानकारी दी। किसानों के साथ बैठक हुई चर्चा और फैसलों के बारे में मुख्यमंत्री ने बताया कि किसानों की फसल का एक-एक दाना खरीदा जा रहा है और सरकार ने किसानों की फसल मंडियों में पहुंचते ही खरीदने के पुख्ता प्रबंध कर लिए हैं। उन्होंने कहा कि किसानों को उनके बैंक खातों में मौके पर ही अदायगी की जा रही है।
 
उन्होंने एलान किया कि मौजूदा खरीद सीजन के दौरान किसानों के ट्रैक्टरों से अनाज की लोडिंग/ढुलाई की इजाजत दी जाएगी और मौजूदा खरीद सीजन के लिए इस एक्ट में उचित संशोधन किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि धान की सीधी बुआई करने वाले किसानों को वित्तीय सहायता का वितरण शुरू कर दिया गया है और 17000 किसानों के बैंक खातों में पैसा जा चुका है। बाकी रहते किसानों की अदायगी भी एक हफ्ते में कर दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने किसानों से कहा कि राज्य सरकार पराली प्रबंधन के लिए हरसंभव यत्न कर रही है। किसानों को इस कार्य के लिए राज्य सरकार का साथ देना चाहिए।

केंद्र को भेजेंगे रोग के शिकार पशुधन की सूची
मुख्यमंत्री ने किसानों को भरोसा दिलाया कि लंपी बीमारी के शिकार पशुधन की विस्तृत सूची राज्य सरकार की तरफ से भारत सरकार को भेजी जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस बीमारी के कारण पशुधन का नुकसान सहने वाले किसानों को मुआवजा दिलाने का मुद्दा केंद्र सरकार के समक्ष उठाएगी। उन्होंने कहा कि इस बीमारी को महामारी घोषित करने से पहले ही केंद्र सरकार के समक्ष मांग उठाई जा चुकी है।

आंदोलन में मारे गए किसानों के परिजनों को नौकरी जल्द
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब में किसान आंदोलन के दौरान दर्ज हुए कई केस पहले ही रद्द किए जा चुके हैं और बाकी केस भी जल्द ही रद्द कर दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले किसानों के परिवारों को पहले ही 5-5 लाख रुपये की सहायता दी जा चुकी है। जान गंवाने वाले कुल 624 किसानों में से 326 के परिजनों को सरकारी नौकरियां दीं चुकी हैं और बाकी को भी जल्दी ही नौकरियां दी जाएंगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले किसानों के नाम पर यादगार बनाने का काम करेगी।

 

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