जाति आधारित जनगणना की मांग को लेकर आज भारत बंद, जानें कहां कितना असर

नई दिल्ली।
पिछड़े और अल्पसंख्यक समुदाय संघ के सदस्यों द्वारा 'भारत बंद' के आह्वान के बाद भारत के कई हिस्सों में देशव्यापी हड़ताल होगी। बामसेफ के अध्यक्ष वामन मेश्राम ने कहा, "हमारे भारत बंद आंदोलन को राष्ट्रीय परिवर्तन मोर्चा, भारत मुक्ति मोर्चा, बहुजन मुक्ति मोर्चा और कई अन्य संगठनों ने समर्थन दिया है।"

अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) और अल्पसंख्यक समूहों के लिए जाति आधारित जनगणना नहीं कराने पर केंद्र द्वारा अखिल भारतीय पिछड़ा और अल्पसंख्यक समुदाय कर्मचारी महासंघ या बामसेफ द्वारा राष्ट्रव्यापी हड़ताल का आह्वान किया गया था। बहुजन मुक्ति पार्टी (बीएमपी) के सहारनपुर जिला अध्यक्ष ने मीडिया को इसकी जानकारी दी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, बंद को बहुजन क्रांति मोर्चा के राष्ट्रीय संयोजक वामन मेश्राम, राष्ट्रीय परिवर्तन मोर्चा, भारत मुक्ति मोर्चा, बहुजन क्रांति मोर्चा और उससे जुड़े संगठनों का समर्थन मिला है। इसके अलावा अभी तक किसी भी बड़े राजनीतिक दल ने अपने समर्थन की घोषणा नहीं की है।

भारत बंद की प्रमुख मांगें
देश भर में जाति आधारित जनगणना हड़ताल के पीछे प्रमुख मुद्दा है। इसको लेकर पहले भी कई राज्यों से मांग की जा चुकी है, लेकिन अभी तक केंद्र सरकार ने इस पर कोई फैसला नहीं लिया है। कुछ अन्य मांगों में चुनाव में ईवीएम का उपयोग न करना शामिल है। साथ ही निजी क्षेत्र में एससी, एसटी और ओबीसी को आरक्षण, किसानों को एमएसपी गारंटी, सीएए और एनआरसी को लागू न करने और पुरानी पेंशन योजना को फिर से शुरू करने की भी मांग है। ओडिशा और मध्य प्रदेश में पंचायत चुनाव में ओबीसी आरक्षण में पृथक निर्वाचन क्षेत्र भी अहम मुद्दा होगा।

भारत बंद का प्रभाव
यह बताया जा रहा है कि राष्ट्रीय राजधानी में हड़ताल का कम प्रभाव देखने की संभावना है। उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में कुछ व्यवधान देखने को मिल सकते हैं। दुकानें और सार्वजनिक परिवहन बंद रहने की उम्मीद है, जिससे आम जनता को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। सरकारी और निजी कार्यालयों और स्कूलों के सामान्य रूप से काम करने की उम्मीद है। बसों, ऑटो, ओला और उबर कैब के कामकाज में अब तक कोई बदलाव नहीं हुआ है।

 

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