मध्य प्रदेश और गुजरात की तर्ज पर जहांगीरपुरी में दंगाइयों के अवैध मकान तोड़ रहे बुल्डोजर, SC की रोक

नई दिल्ली। मध्य प्रदेश और गुजरात के बाद दिल्ली के जहांगीरपुरी में भी बुल्डोजर की एंट्री हो गई है। मध्य प्रदेश और गुजरात की तर्ज पर दिल्ली के जहांगीरपुरी में भी दंगाइयोंं के अवैध मकान तोड़े जा रहे हैं। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने इस कार्रवाई पर फिलहाल रोक लगा दी है। कोर्ट ने यथास्थिति रखने को कहा है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका पर कल सुनवाई होगी। लेकिन कहा गया कि बेशक सुप्रीम कोर्ट ने नॉर्थ एमसीडी को कार्रवाई रोकने को कहा है, मेयर और निगम के आयुक्त ने कार्रवाई रोकने का दावा किया है, बावजूद अवैध निर्माणों पर बुल्डोजर चलता रहा। मस्जिद के पास हुए अतिक्रमण को तोड़ दिया गया।

बता दें कि जहांगीरपुरी में हनुमान जयंती पर हुई साजिशन हिंसा  का मामला सामने आया था। इस मामले में गिरफ्तार गिरफ्तार किए गए मुख्य 5 दंगाइयों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत कार्रवाई की गई है। क्राइम ब्रांच पुलिस ने CCTV फुटेज के आधार पर 300 उपद्रवियों की पहचान की है। उनकी गिरफ्तारी के लिए छापामार कार्रवाई हो रही है। पुलिस ने 30 फोन नंबर का कॉल डिटेल्स के आधार पर आरोपियों की पहचान की है।

बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात
20 व 21 अप्रैल को जहांगीरपुरी क्षेत्र में अवैध निर्माण पर अतिक्रमण अभियान चलाने का ऐलान किया था। एमसीडी ने इस दौरान दिल्ली पुलिस से 400 जवानों को कानून-व्यवस्था संभालने के लिए कहा है।  भाजपा ने हिंसा के आरोपियों के अवैध मकानों पर बुल्डोजर चलाने की मांग उठाई थी। दिल्ली बीजेपी के अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने उत्तरी दिल्ली नगर निगम के महापौर को इस संबंध में पत्र लिखा था। इसमें कहा गया था कि दंगाइयों को आम आदमी पार्टी के स्थानीय विधायक और पार्षदों का संरक्षण मिला हुआ है। इधर, जमीयत उलेमा द्वारा दंगाइयों के घरों को बुलडोजर रोकने के लिए दायर याचिका पर जल्द से जल्द सुनवाई करने के लिए सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध किया था।

ओवैसी ने दिखाई नाराजगी
अतिक्रमण हटाने के मामले को लेकर असदुद्दीन ओवैसी ने नाराजगी जताते हुए इसे 'बीजेपी का गरीबों के खिलाफ जंग बताया है। ओवैसी ने दिल्ली के सीएम अरविंद केजेरीवाल की भूमिका को भी संदिग्ध कहा है। ओवैसी ने ट्वीट ने लिखा कि बीजेपी ने गरीबों के खिलाफ जंग का ऐलान किया है। अतिक्रमण के नाम पर यूपी और एमपी की तरह दिल्ली में भी घरों को तबाह करने जा रही है बीजेपी। यहां कोई नोटिस नहीं, अदालत जाने का मौका तक नहीं, बस गरीब मुसलमानों को जिंदा रहने की सजा देना है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी इसका विरोध जताते हुए कहा कि नफरत का बुलडोजर चलाना बंद करो।

हथियारों का सप्लायर गिरफ्तार
सूत्रों के अनुसार यहां एक एनकाउंटर के बाद पुलिस ने हथियारों के एक सप्लायर को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि  इसने ही हिंसा वाले दिन हथियारों की सप्लाई की थी। न्यूज एजेंसी ANI के अनुसार, आउटर नॉर्थ दिल्ली के डीसीपी बृजेन्द्र यादव ने बताया कि हथियारों की सप्लाई करने वाले इस शख्स पर करीब 60 से ज्यादा मामले दर्ज हैं।

गृहमंत्रालय ने दिखाई थी सख्ती
जहांगीरपुरी हिंसा मामले में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने सख्ती दिखाई थी। पुलिस ने 19 अप्रैल को अपनी शुरुआती जांच रिपोर्ट गृह मंत्रालय (MHA) को सौंपी। इसमें हिंसा के पीछे आपराधिक साजिश की बात कही गई है। जहांगीरपुरी में शनिवार 16 अप्रैल को हनुमान जयंती के मौके पर निकाली गई शोभायात्रा पर कुछ लोगों ने पथराव किया था।फायरिंग भी हुई थी। इसमें एक एएसआई को पैर में गोली लगी थी। इसके बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने घटना के दिन ही दिल्ली पुलिस के अधिकारियों से बात कर कानून व्यवस्था बनाने और दोषियों को कड़ी सजा देने के आदेश दिए थे।

ये हैं मुख्य आरोपी
इस मामले में मुख्य आरोपी करोड़पति कबाड़ी अंसार है। इसकी कुंडली खंगाली जा रही है। हिंसा के दौरान कुशल चौक के पास फायरिंग करने वाले सोनू चिकना को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इसी मामले में 36 वर्षीय शेख हमीद को भी गिरफ्तार किया गया है। वह कबाड़ी है। डीसीपी एनडब्ल्यू उषा रंगनानी के मुताबिक, बताया कि आरोपी ने खाली बोतलें दी थीं, जिनका इस्तेमाल हमला करने में किया गया।

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