गेहूं निर्यात को लेकर केंद्र का IMF को जवाब, वैश्विक बाजारों पर नहीं पड़ेगा कोई असर

नई दिल्ली
 भारत सरकार की ओर से गेहूं निर्यात पर लगाए गए रोक को लेकर वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने अन्तर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष) (IMF) को जवाब दिया है। गोयल ने बुधवार को कहा कि भारत का गेहूं निर्यात विश्व व्यापार के मुकाबले एक प्रतिशत से भी कम है और खाद्यान्न के निर्यात को विनियमित करने के सरकार के फैसले का वैश्विक बाजारों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि भारत कमजोर देशों और अपने पड़ोसियों को निर्यात की अनुमति देना जारी रखेगा।

मंत्री ने कहा कि भारत अंतरराष्ट्रीय गेहूं बाजार में 'कभी भी' एक पारंपरिक भागीदार नहीं था। दो साल पहले तक भारत ने गेहूं का निर्यात भी नहीं किया था। गोयल ने कहा कि देश ने मामूली 20 लाख टन के साथ निर्यात शुरू किया था और पिछले साल उसने लगभग 70 लाख टन का निर्यात किया था। विश्व आर्थिक मंच के एक सत्र में उन्होंने यहां यह बात कही।

इसके अलावा मंत्री ने कहा कि इस साल 'हम अपने उत्पादन में लगभग 7-8 प्रतिशत की वृद्धि की उम्मीद कर रहे थे (लेकिन) दुख की बात है कि उत्तर भारत के अधिकांश हिस्सों में भीषण गर्मी थी और गेहूं की कटाई जल्दी करनी पड़ी और हमारा उत्पादन घट गया।' उन्होंने कहा, 'भारत का गेहूं का निर्यात विश्व व्यापार के मुकाबले एक प्रतिशत से भी कम है और हमारे निर्यात विनियमन से वैश्विक बाजारों पर असर नहीं पड़ना चाहिए। हम कमजोर देशों और पड़ोसियों को निर्यात की अनुमति देना जारी रखेंगे।'

 

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