चंडीगढ़ में पंजाब के 15 लोगों के साथ करोड़ों ठगी, विदेश भेजने के नाम पर लिए थे पैसे

चंडीगढ़
चंडीगढ़ स्थित इमिग्रेशन कंपनी ने पंजाब के 15 लोगों के साथ करोड़ों रुपये की ठगी की है। कनाडा वीजा लगाने के नाम पर सेक्टर-34 स्थित एएस इमिग्रेशन कंसल्टेंट के मालिक सहित अन्य कर्मचारियों के खिलाफ करीब दो करोड़ 47 लाख रुपये की ठगी पर धोखाधड़ी का केस दर्ज हुआ है। पंजाब के मोगा के भूपिंदर सिंह की शिकायत पर पुलिस ने कंपनी मालिक अरविंद सहित अन्य पर विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। फिलहाल आरोपित कंपनी बंद कर फरार चल रहे है।

पंजाब के मोगा निवासी भूपिंदर सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसने बेटी को कनाडा का वीजा लगवाना था। साल 2021 नवंबर में उसने सेक्टर-34 स्थित एएस इमिग्रेशन कंसल्टेंट कंपनी का सोशल मीडिया पर विज्ञापन देखा था, जिसमें कंपनी ने स्टडी वीजा लगाने के बारे में जानकारी दे रखी थी। उन्होंने बेटी को स्टडी पर भेजने के लिए कंपनी में आकर अरविंद से मुलाकात की। अरविंद ने भूपिंदर सिंह से साढ़े नौ लाख लाख रुपये बेटी को विदेश भेजने के लिए मांगे। 25 नंवबर 2021 को उन्होंने 25 हजार रुपये उसने आफर लेटर के मांगे थे। बेटे ने आनाइनल मोड से 25 हजार रुपये अरविंद को भेज दिए थे। बेटी का जीआईसी अकाउंट खुलवाकर छह लाख 30 हजार रुपये जमा करवा दिए।

30 नंवबर 2021 को अरविंद ने उनसे छह लाख 30 हजार के तीन चेक लेकर अपने पास रख लिए। तीन दिसंबर 2021 को बेटी के अकाउंट में जमा छह लाख तीस हजार रुपये कंपनी के अकाउंट में ट्रांसफर अरविंद ने किए। बेटी की बायेमेट्रिक के लिए बीस हजार रुपये मेडिकल के लिए छह हजार 550 रुपये दे दिए। 13 अप्रैल 2022 को अरविंद ने कनाडा की टिकट बुक करवाने के लिए एक लाख 32 हजार रुपये मांगे। अरविंद मोगा के बस स्टैड पर आया और रुपये लेकर चला गया। उसने बताया कि पांच जून 2022 को बेटी का कनाडा भेजना है, जिसकी टिकट बुक हो गई है। 28 अप्रैल 2022 को उन्होंने नौ लाख 50 हजार रुपये अरविंद को सेक्टर 34 स्थित आफिस में आकर दे दिए। दो मई को जब वह वीजा लेने अरविंद के आफिस में आया तो ताला लगा हुआ था। बाद में पता चला कि अरविंद 15 लागों से वीजा दिलाने के नाम पर दो करोड़ 47 लाख रुपये  लेकर फरार हो गया है। मामले की शिकायत पुलिस में की।

 

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