बारातियों की इस गलती से शादी का पंडाल बना आग का गोला, खलिहान में लाखों का अनाज जलकर राख

गढ़वा
झारखंड के गढ़वा में शादी के रंग में उस समय भंग पड़ गई जब बारात के पंडाल में आग लग गई। आग फैल कर एक किसान के खलिहान में पहुंच गई जहां सैंकड़ो बोझा गेहूं, अरहर और अन्य फसल जलकर राख हो गए। जिले के हरिहरपुर ओपी क्षेत्र के हुरका गांव में आई बारात में पटाखा फोड़ने के क्रम में आग लगी। घटना शुक्रवार देर रात की है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक गांव के कमलेश शुक्ला की बेटी की शादी थी। कांडी थाना के काशनप गांव से बारात पहुंची थी। बारातियों की ओर से द्वारपूजा के समय आतिशबाजी शुरू की गयी। इसी दौरान पटाखा की चिंगारी से पास के एक खलिहान में आग लग गई। वहीं बारातियों के रुकने के लिए लगाए गए टेंट को भी आग ने चपेट में ले लिया। जब तक लोग समझ पाते आग विकराल रूप ले लिया और पंडाल से लेकर खलिहान तक आग के गोले में बदल गए। खलिहान में रखे करीब चार सौ बोझा गेहूं,डेढ़ सौ बोझा अरहर जल कर खाक हो गया।

बताया जाता है कि गांव के किसानरामकवल ठाकुर ने तीन बीघा जमीन रेहन लेकर खेती किया था। अगलगी की घटना में उनका सारा गेहूं और अरहर का फसल जल गया। उसके अलावा सुनैना कुंवर, सियाराम रजवार, हरिकिशोर रजवार, नरेश रजवार, रविन्द्ररजवार, शीला कुमारी, धरमु रजवार, कृष्णा रजवार, बीरेंद्र रजवार, नंदू रजवार, चानदेव रजवार का मजदूरी कर जमा किये बनी(मजदूरी) में मिला बोझा भी जल गया। वहीं टेंट में आग लगने से करीब पचास फोल्डिंग गद्दा सहित लाखों रुपये के समान जल कर खाक हो गए।

आग की लपटें तेज होने के कारण ग्यारह हजार बिजली के तार भी जल गए। ग्रामीणों की सूझबूझ से बढ़ती आग पर काबू पाया गया। ग्रामीणों ने बताया कि घटना की सूचना प्रशासनिक पदाधिकारियों को रात में ही दी गई थी परन्तु शनिवार सुबह नौ बजे तक भी कोई घटना स्थल का जायजा लेने नहीं पहुंचा। पंचायत के निवर्तमान मुखिया बिनोद सिंह व सामाजिक कार्यकर्ता अजय वर्मा ने प्रशासन से नुकसान का आकलन कर पीड़ितों को मुआवजा भुगतान की मांग की है।

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