प्रति 1,000 लड़कों पर पैदा होने वाली लड़कियों की संख्या में लद्दाख सबसे ऊपर, हिमाचल में बड़ा सुधार

 नई दिल्ली
लद्दाख भारत के जन्म के समय लिंग अनुपात (एसआरबी) चार्ट में पंजाब और हरियाणा सहित सभी उत्तरी राज्यों के साथ सबसे आगे है, जो परंपरागत रूप से कम एसआरबी के लिए जाना जाता है।

मंगलवार को जारी रजिस्ट्रार जनरल ऑफ इंडिया की सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम रिपोर्ट-2020 से पता चलता है कि एसआरबी (प्रति 1,000 लड़कों पर पैदा होने वाली लड़कियों की संख्या) लद्दाख (1,104) के लिए सबसे अधिक है, इसके बाद अरुणाचल प्रदेश (1,011), अंडमान और निकोबार द्वीप समूह (984) और त्रिपुरा (974) का स्थान है।

ताजा आंकड़ों के मुताबिक, हिमाचल प्रदेश के एसआरबी आंकड़ों में बड़े सुधार का खुलासा हुआ है। पिछले साल दिसंबर में जारी राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-5 (2019) की मानें तो गोवा और दादरा और नगर हवेली के साथ हिमाचल में प्रति 1,000 लड़कों पर पैदा होने वाली लड़कियों की संख्या 900 से नीचे थे और इस लिस्ट में ये केवल तीन ऐसे राज्य थे।

2020 के लिए ताजा सीआरएस डेटा में, हिमाचल ने अपने एसआरबी को 936 तक सुधार किया है। यानी हिमाचल में अब प्रति 1,000 लड़कों पर पैदा होने वाली लड़कियों की संख्या 936 है, जो राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-4 (2015) की तरह है जब राज्य के एसआरबी को 937 पर रखा था। गोवा का एसआरबी अब 947 है। यह पहले एनएफएचएस-5 (2019) के अनुसार 900 से नीचे था। सीआरएस रिपोर्ट-2020 के अनुसार, 900 से नीचे एसआरबी वाले केवल दो राज्य मणिपुर (880) और दादरा और नगर हवेली (898) हैं।

 

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