एसी का बिजली बिल कम करने का जानें सबसे आसान तरीका, बस करना होगा ये काम

नई दिल्ली  
 
भीषण गर्मी से जल्द राहत पाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले एसी का बिजली बिल अच्छे-अच्छों के पसीने छुड़ा देता है। अधिकतर लोग गर्मी से बचने के लिए डरते-डरते एसी चलाते हैं, लेकिन आज हम आपको ऐसा आसान तरीका बताने जा रहे हैं जिससे आप भी अपने बिजली बिल में कमी ला सकते हैं।

राजधानी दिल्ली में तपती गर्मी से लोग परेशान हैं। इससे राहत पाने के लिए एसी का ज्यादा से ज्यादा प्रयोग कर रहे हैं। कमरे को जल्दी ठंडा करने के लिए लोग एसी का तापमान 18 डिग्री पर सेट कर देते हैं, जिसका असर बिजली खपत और बिल पर पड़ता है, जबकि एसी को 24 से 27 डिग्री पर चलाकर बिजली के बिल में 30 फीसदी तक की कमी लाई जा सकती है।बता दें कि तीन से चार फीसदी ऊर्जा की बचत हर एक डिग्री बढ़ने पर की जा सकती है। 18 से एसी का तापमान 27 डिग्री करने पर सालभर में 6240 रुपये बचा सकेंगे, जबकि 24 डिग्री करने पर 3900 बचा सकेंगे।

कैसे होगी बचत
लोगों में भ्रम है कि अगर एसी का तापमान 18 डिग्री सेल्सियस कर दिया जाए तो कमरा जल्दी ठंडा होगा, लेकिन यह सच नहीं है। अगर आप 26 डिग्री तापमान सेट करते हैं तो भी उतने ही समय में कमरे को ठंडा करेगा। वहीं, जब आप 18 डिग्री पर एसी का तापमान सेट करते हैं तो कंप्रेसर अधिक समय काम करता है, जिसका असर ऊर्जा खपत और अंतत: आपकी जेब पर भी पड़ता है।

29 डिग्री तापमान तक आराम से रह सकते हैं
ग्रीन बिजनेस सर्टिफिकेशन इंस्टीट्यूट (जीबीसीआई) के प्रबंध निदेशक मिली मजूमदार ने कहा कि भारत में एक अध्ययन से पता चलता है कि हम 29 डिग्री तक के तापमान पर भी आराम से रहने के अभ्यस्त हैं, बशर्ते अन्य स्थिति मानकों के अनुरूप हों। अध्ययन में अन्य मानकों में आवास स्थल पर तापमान, आर्द्रता और हवा की गति को शामिल किया गया है।

वहीं, ऊर्जा और संसाधन संस्थान (टेरी) के महानिदेशक अजय माथुर ने कहा कि 24 डिग्री तापमान पर हम अधिक आर्द्रता होने पर भी गर्मी में सहज महसूस करते हैं। साथ ही बिजली का बिल भी 18 और 22 डिग्री तापमान पर एसी के इस्तेमाल से कम आता है।

गणना का आधार

● गणना में 1.5 टन और 5 स्टार विंडो एसी को शामिल किया गया। इसमें ऊर्जा खपत 1.3 किलोवाट प्रति घंटे माना गया है।

● इसमें बिजली बिल 6.5 रुपये प्रति यूनिट के आधार पर रखा गया है, जबकि एसी का रोज 10 घंटे चलना माना गया है।

● बिजली बिल में घर में किसी और बिजली के उत्पाद को शामिल नहीं किया गया है।

● यह एक अनुमानित बचत है। इसमें कमरे के आकार, बाहर के तापमान, कंप्रेसर चलने के समय आदि में बदलाव से अंतर संभव है। स्रोत: ऊर्जा और संसाधन संस्थान (टेरी)।

 

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