दिल्ली के गोकुलपुरी इलाके स्थित झुग्गी बस्ती भयंकर आग, सात लोगों की मौत

नई दिल्ली। सिर्फ एक घर नहीं जलता, जल जाती हैं सालों की यादें, जल जाती है खून पसीने की कमाई, जल जाते हैं सपने और क्या बताऊं सिर्फ एक घर नहीं जलता, जल जाती है एक पूरी जिंदगी… साहब! हमने भीख मांगकर बच्चों को बड़ा किया था, साहब बच्चों को पढ़ाते थे, हमारे बच्चे स्कूलों में जाते थे, साहब कुछ नहीं बचा, वो दीवार में सटे हुए थे और आग उनके पास तक पहुंच रही थी वो चिल्ला रहे थे बचाओ, बचाओ की आवाजें आ रहीं थीं…हम क्या करते साहब चारों तरफ आग थी, हमारे बच्चे निकल गए साहब, निकल गए… ये सिसकन भरी आवाज नहीं थी, रो-रो कर चीखती हुई एक मां का दर्द था। वो दर्द जो दिया तो एक हादसे ने मगर उसकी तपन पूरी जिंदगी भर नहीं कम होगी। ये दर्द एक मां का है। जिसने अपने सामने अपने बच्चों को जिंदा जलते हुए देखा।

दिल्ली के गोकुलपुरी झुग्गी बस्ती में बीती रात एक हादसे ने परिवार के परिवार खाक कर दिए। ये हादसा तब हुआ जब रात में सब सोए हुए थे। अचानक तेज रोशनी हुई और लोगों ने देखा तो चारों तरफ आग ही आग। चंद मिनटों में तो हाहाकार मच गया। देखते ही देखते चारों तरफ आग की लपटें फैलती चली गईं। लोग खुद को बचाते या फिर अपनों की मदद करते। किसी को कुछ सोचने समझने का मौका ही नहीं मिला। आग इतनी तेजी से फैल रही थी मानों विकराल रूप धारण किए कोई हमारी जिंदगी की तरफ बढ़ता जा रहा हो। वो रात जिसने न जाने कितनों की सुबह छीन ली, उस मनहूस रात को कैलेंडर की तारीखों से कैसे मिटाई जाए।

गोकुलपुरी झुग्गी बस्ती में एक परिवार के पांच लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। इस आग में बबलू (35), शहंशाह (14), प्रियंका (19) दो महीने की प्रेगनेंट, रेशमा (18), रंजीत (17) की जलकर मौत हुई। दो और बच्चे रोशन (12),दीपिका (18) की हादसे में मौत हो गई। आज इनके परिवार वाले रो-रोकर सिर्फ एक ही बात बोल रहे है कि हम कैसे और क्यों बच गए। धधकती आग में मां-बाप ने खूब प्रयास किया जिससे उसके बच्चे बच जाएं मगर उस धधकती आग की लपटें मानों सब कुछ खाक करने के इरादे से ही आई थी।

नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली के गोकुलपुरी गांव की झुग्गियों में बीती रात भीषण आग लग गई। आग इतनी भयानक थी कि शनिवार तड़के आग पर काबू पाया जा सका। सर्च ऑपरेशन में एक झुग्गी से एक परिवार के पांच लोगों की जली हुई लाशें बरामद हुईं, जब एक अन्य झुग्गी से दूसरे परिवार के दो लोगों की जली हुई लाशें मिलीं। आस-पास के लोगों ने उनकी पहचान की है।

लोगों की बॉडी इतनी बुरी जल चुकी थीं कि ये भी पता कर पाना मुश्किल था कि कौन सी लाश महिला की है और कौन सी पुरुष की। खबर लिखे जाने तक वहां फायर फाइटर्स कूलिंग का काम कर रहे थे। अडिशनल डीसीपी नॉर्थ ईस्ट दिल्ली देवेश कुमार माहला का कहना था कि आग में सात लोगों की जान गई है। वहां रहने वाले लोगों का भारी नुकसान हुआ है। सर्च ऑपरेशन पूरा हो गया है, अब अंदर कोई बॉडी नहीं है। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।

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