National News : ED का Diamond कंपनी पर छापे, करोड़ों के हीरे, सोना और कैश बरामद

National News : 'चीन द्वारा नियंत्रित' लोन देने वाले मोबाइल एप्लीकेशन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के तहत गुजरात की एक कंपनी पर छापा मारकर 3 लोगों को गिरफ्तार किया है।

Latest National News : उज्जवल प्रदेश,अहमदाबाद. प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बताया कि उसने ‘चीन द्वारा नियंत्रित’ लोन देने वाले मोबाइल एप्लीकेशन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के तहत गुजरात की एक कंपनी पर छापा मारकर 3 लोगों को गिरफ्तार किया है। एजेंसी ने बताया कि इस दौरान 25 लाख रुपये नकद तथा 10 करोड़ रुपये मूल्य के हीरे और सोना बरामद किया गया है। संघीय जांच एजेंसी ने बताया कि उसने सागर डायमंड्स लिमिटेड, आरएचसी ग्लोबल एक्सपोर्टस लिमिटेड, उसके निदेशकों वैभव दीपक शाह और उनके सहयोगियों के सूरत सेज (विशेष आर्थिक जोन), अहमदाबाद और मुंबई स्थित 14 परिसरों की तलाशी ली।

यह जांच धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत ‘पावर बैंक ऐप’ (मोबाइल एप्लीकेशन) के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामले से जुड़ी है। इस ऐप से कथित रूप से हजारों आम लोगों से ठगी की गई है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बताया कि लोन देने वाले इस ऐप का संचालन ”चीनी नागरिकों द्वारा भारत में मौजूद उनके सहयोगियों वैभव दीपक शाह और सागर डायमंड्स लिमिटेड की मदद से किया जा रहा था।” एजेंसी ने दावा किया है कि ऐप की मदद से की गई इस कथित धोखाधड़ी से मिला धन बीएसई में सूचीबद्ध कंपनी सागर डायमंड्स लिमिटेड और अन्य के पास गया।

जांच एजेंसी ने कहा, ”सूरत सेज में स्थित कई निर्माण कंपनियों की इकाइयां हीरों, बहुमूल्य पत्थरों और अन्य कीमती धातुओं के आयात/निर्यात में कीमतों को बहुत ज्यादा बढ़ा-चढ़ा कर दिखाने में शामिल हैं और फर्जी आयात दिखाकर धन विदेश भेज रहे हैं।” एजेंसी ने कहा, ”तलाशी के दौरान पता चला कि बहीखाते में हजारों करोड़ रुपये कीमत के शेयर दिखाए गए हैं और पता चला कि उनक कीमतें बहुत ज्यादा बढ़ा-चढ़ा कर दिखाई गई हैं, जबकि वास्तविक कीमत करीब 10 करोड़ रुपये है।”

एजेंसी ने बताया कि सिंथेटिक मूंगा को भी बहुमूल्य पत्थरों के रूप में दिखाया गया था। एजेंसी ने कहा कि तलाशी के दौरान 25 लाख रुपये नकद, 10 करोड़ रुपये कीमत के हीरे, सोना और अन्य कीमती वस्तुएं, डिजिटल उपकरण, ‘फर्जी’ आयात/निर्यात से जुड़े दस्तावेज मिले। ईडी ने बताया कि 3 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और कुछ अन्य आरोपियों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किए गए हैं।

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