National News : एक्शन में शिंदे सरकार, कफ सिरप बनाने वाली 6 कंपनियों के लाइसेंस सस्पेंड

National News : महाराष्ट्र में नियमों के उल्लंघन के आरोप में कफ सिरप बनाने वाली छह कंपनियों के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं। राज्य सरकार ने विधानसभा में यह जानकारी दी। खाद्य एवं औषधि प्रशासन मंत्री संजय राठौड़ ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक आशीष सेलार और अन्य के ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर शुक्रवार को विधानसभा में यह जानकारी दी।

Latest National News : उज्जवल प्रदेश, मुंबई. महाराष्ट्र सरकार ने सूबे में कफ सिरप बनाने वाली 6 कंपनियों के लाइसेंस सस्पेंड कर दिए हैं. सरकार ने विधानसभा में कहा कि इन कंपनियों ने लाइसेंस के नियमों का पालन नहीं किया है, इसलिए कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है. खाद्य एवं औषधि प्रशासन मंत्री संजय राठौड़ ने आशीष शेलार और अन्य के ध्यानाकर्षण नोटिस का जवाब देते हुए ये बात कही.

खाद्य एवं औषधि प्रशासन मंत्री संजय राठौड़ ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में कफ सिरप के 108 निर्माताओं में से 84 के खिलाफ जांच शुरू की है. उनमें से चार को उत्पादन बंद करने का निर्देश दिया गया है, जबकि छह कंपनियों के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं.

एजेंसी के मुताबिक मंत्री संजय राठौड़ ने कहा कि नियमों के उल्लंघन के लिए 17 फर्मों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है. जब शेलार ने गाम्बिया में 66 बच्चों की मौत का जिक्र किया था. इस मामले में मंत्री ने कहा कि इस केस में जो कंपनी नियमों के उल्लंघन के आरोप का सामना कर रही थी, वह हरियाणा में स्थित थी और महाराष्ट्र में उसकी कोई निर्माण इकाई नहीं थी.

इनमें से चार को उत्पादन रोकने का निर्देश दिया गया, जबकि छह कंपनियों के लाइसेंस निलंबित कर दिये गये हैं। उन्होंने कहा कि 17 कंपनियों को नियमों के उल्लंघन के लिए ‘कारण बताओ’ नोटिस भेजे गए। सेलार ने कथित तौर पर भारत से आयातित कफ सिरप पीने से गाम्बिया में 66 बच्चों की मौत होने का जिक्र किया, लेकिन साथ ही कहा कि उस मामले में नियमों के उल्लंघन के आरोप का सामना कर रही कंपनी हरियाणा में स्थित थी तथा महाराष्ट्र में उसकी कोई उत्पादन इकाई नहीं थी।

संजय राठौड़ ने कहा कि हमने नियमों का उल्लंघन करने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है. मंत्री राठौड़ ने कहा कि राज्य में 996 एलोपैथिक दवा निर्माताओं में से 514 निर्माता अपने उत्पादों का निर्यात करते हैं.

प्रिसाइडिंग ऑफिसर संजय शिरसाट ने कहा कि अगर 20 प्रतिशत निर्माताओं को नियमों के उल्लंघन के कारण छापे का सामना करना पड़ा, तो इसे बहुत गंभीरता से लेने की आवश्यकता है, क्योंकि यह लोगों के जीवन के साथ खिलवाड़ करने जैसा है.

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