राष्ट्रीय राजमार्गों को सुरक्षित बनाने के लिए यात्रियों से ली जाएगी राय, ‘सुखद यात्रा’ एप में विकल्प जोड़ने की तैयारी

 नई दिल्ली

संसद की एक समिति ने सरकार से कहा है कि सड़क यात्रियों से फीडबैक लेकर राष्ट्रीय राजमार्गों का सफर सुरक्षित व सुविधाजनक बनाया जा सकता है। इसके लिए सड़क यात्रियों के लिए मौजूदा सुखद यात्रा स्मार्ट फोन एप में फीडबैक का विकल्प जोड़ने की बात कही गई है। साथ ही समिति ने नए साधनों के जरिए एप में जरूरी सुधार करने को भी कहा है। पर्यटन एवं परिवहन संबंधी संसदीय समिति ने पिछले दिनों संसद में अपनी रिपोर्ट पेश की थी। जिसमें इस बात पर चिंता जताई थी कि एनएचएआई के मोबाइल एप ‘सुखद यात्रा’ पर पिछले तीन सालों में सड़क यात्रियों की शिकायतों की संख्या नहीं बढ़ी है। यानी यात्रियों द्वारा इसका इस्तेमाल अपेक्षाकृत कम हो रहा है। इस एप की शुरुआत मार्च 2018 में की गई थी।

'एप का प्रचार करने की जरूरत'
समिति ने सुझाव दिया है कि एप का ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यम से व्यापक स्तर पर प्रचार करें। राजमार्गों पर सभी जगह होर्डिंग लगाएं। जिससे अधिक से अधिक सड़क यात्री सुखद यात्रा को डाउनलोड कर सकें। समिति ने कहा कि सड़क यात्रियों की राय बेहद अहम है। जमीनी स्तर पर सड़क यात्रियों से मिलने वाली यह राय सड़क सुरक्षा मजबूत करने में अहम भूमिका निभा सकती है।
 
एक लाख यात्रियों ने ही एप डाउनलोड किया
मार्च 2018 में लॉन्च किए गए इस एप को अब तक 1 लाख सड़क यात्रियों ने ही अपने मोबाइल में डाउनलोड किया है। जबकि रोजाना करोड़ों सड़क यात्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर सफर करते हैं। अधिकांश सड़क यात्रियों को उक्त ऐप की जानकारी नहीं है।

एनएचएआई यात्रियों को जानकारी देने में विफल
संसदीय समिति ने सड़क यात्रियों को राजमार्गों के गड्ढे, सड़क दुर्घटना, यातायात जाम, निर्माण कार्य के चलते डायवर्जन, यात्री सुविधा केंद्र, टोल प्लाजा पार करने में लगने वाला समय, दरें, दूरी आदि की जानकारी देने में एनएचएआई की विफलता पर दुख जताया है।

हेल्पलाइन नंबर 1033 पर शिकायत करें
विभाग ने यात्रियों की सुविधा के लिए सुखद यात्रा एप के साथ एनएचएआई के इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर 1033 को जोड़ा है। वहीं, एनएचएआई एप के लिए एक सहज यूजर इंटरफेस तैयार करने की योजना बना रहा है। क्योंकि फिलहाल एप के खराब प्रदर्शन के चलते सड़क यात्रियों ने अपनी प्रतिक्रिया में पांच में से 2.7 रेटिंग स्टार्स दिए हैं।

 

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