पाकिस्तान ने भारत को दहलाने की नापाक साजिश रची थी, जिसका भंडाफोड़, पकड़े गए चार आतंकी

करनाल। करनाल में पकड़े गये आतंकवादी भारत को दहलाने की फिराक में थे। वे किसी बड़ी आतंकी घटना को अंजाम देना चाहते थे। हमेशा की तरह इस बार भी आतंकियों को पाकिस्‍तान से हैंडल किया जा रहा था। अभी तक हुई जांच में जो बातें सामने आई हैं, उसके अनुसार ड्रोन की मदद से हथि‍यार भेजे गये थे और इसके तार पाकिस्‍तान में छिपे बब्बर खालसा (खालिस्तान समर्थक संगठन) से जुड़े हैं। बताया जा रहा है कि पाक में बैठे खालिस्तान समर्थक आतंकी हरविंदर सिंह उर्फ रिदा से पकड़े गए आतंकियों का कनेक्शन है।

ड्रोन से भेजे गये हथ‍ियार, ऐप पर भेजी लोकेशन
करनाल के पुलिस अधीक्षक गंगा राम पुनिया ने बताया क‍ि पकड़े गये युवकों का नाम गुरप्रीत, अमनदीप, परमिंदर, भूपिंदर है। इनकी उम्र लगभग 20 से 25 साल के बीच है। इसमें से तीन पंजाब के फिरोजपुर और एक लुधियाना का रहने वाला है। पुलिस ने आगे बताया क‍ि ये चारों आतंकी हरविंदर सिंह उर्फ रिंदा (Harvinder Singh alias Rinda) से जुड़े थे। उसी ने ड्रोन के जरिये पाकिस्तान से फिरोजपुर में ये हथियार भेजे थे। सूत्रों के मुताबिक रिंदा ने ड्रोन से हथियारों की सप्लाई के बाद उनकी लोकेशन एक ऐप के जरिए पकड़े गए आतंकियों तक भेजी थी।

इनोवा से तीन आईईडी, पिस्तौल और 31 कारतूस जब्त
आतंकी एक इनोवा में सवार होकर करनाल के रास्ते दिल्ली पहुंचने की फिराक में थे। लेकिन हाल ही में पंजाब के पटियाला में हुई हिंसा और तमाम खुफिया इनपुट की वजह से सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट थीं। आतंकियों की इनोवा से हथियारों का जखीरा जब्त हुआ है। गाड़ी से एक पिस्तौल, तीन आईईडी और 31 कारतूस बरामद हुए हैं।

इस बीच हरियाणा पुलिस ने इस मामले में केस भी दर्ज किया है। पुलिस के मुताबिक यूएपीए ऐक्ट की धारा 13, 18 और 20 के अलावा विस्फोटक कानून-1908 की धारा-4, 5 और आर्म्स ऐक्ट की धारा-25 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर का इस मामले पर बयान आया है। सीएम खट्टर ने कहा, 'पंजाब से हमें खबर मिली थी जिसके आधार पर हमने गाड़ी पकड़ी है, जिसमें असलहा मिला है और कुछ लोग भी पकड़े हैं। जांच के बाद ही उनका मकसद पता चलेगा। अभी ये जानकारी है कि ये हरियाणा की घटना नहीं थी, वे हरियाणा पार कर रहे थे।'

कौन है मास्‍टरमाइंड हरविंदर सिंह रिंदा?
8 नवंबर 2021 को नवांशहर क्राइम इन्वेस्टिगेशन एजेंसी की इमारत पर आतंकी हमले को अंजाम देने के पीछे हरविंदर सिंह उर्फ रिंदा का ही हाथ बताया जाता है। इस घटना के बाद से वह गायब है। रिंदा पंजाब के तरनतारन जिले का रहने वाला है। बचपन में ही वह अपने पर‍िवार के साथ महाराष्ट्र के नांदेड़ में बस गया। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार रिंदा ने 18 साल की उम्र में पारिवारिक विवाद के चलते तरनतारन में अपने एक रिश्तेदार की हत्या कर दी थी। नांदेड़ साहिब में उसने स्थानीय व्यापारियों से जबरन वसूली शुरू कर दी और दो लोगों की हत्या कर दी। पुलिस को उसे कई मामलों में तलाश है।

महाराष्ट्र के नांदेड़ जाने की फिराक में थे आतंकी?
पुलिस का कहना है कि पकड़े गए चारों संदिग्ध बड़ी आतंकी वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे। पुलिस के मुताबिक तीन संदिग्ध आतंकी पंजाब के फिरोजपुर जिले के रहने वाले हैं और चौथा संदिग्ध लुधियाना का रहने वाला है। बताया जा रहा है कि दिल्ली के रास्ते ये संदिग्ध आतंकी महाराष्ट्र के नांदेड़ जा रहे थे। सुरक्षा एजेंसियों को शक है कि इस आतंकी नेटवर्क के तार पाकिस्तान से जुड़े हो सकते हैं।

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