प्रधानमंत्री ने संग्रहालय का पहला टिकट खरीद किया उद्घाटन

नई दिल्ली
 आप भारत के अब तक हुए प्रधानमंत्रियों के बारे में कितना जानते हैं? अपना नॉलेज और बढ़ाना चाहते हैं, तो एक नया संग्रहालय आपकी इसमें मदद करेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने आज प्रधानमंत्री संग्रहालय (Prime Minister Museum) का उद्घाटन किया। यह आयोजन आजादी का अमृत महोत्सव(azadi ka amrit mahotsav) के दौरान किया गया। सरकार का कहना है कि यह म्यूजियम देश के सभी प्रधानमंत्रियों के बारे में लोगों के बीच जागरुकता लाएगा। यानी देशवासी उनके विजन से रूबरू हो सकेंगे। मोदी ने उद्घाटन से पहले म्यूजियम का टिकट खरीदा।

म्यूजियम में 43 गैलरी हैं
संग्रहालय में 43 गैलरी हैं। इन के जरिये स्वतंत्रता संग्राम के प्रदर्शन से शुरू होकर संविधान के निर्माण तक की कहानियां प्रदर्शित की गई हैं कि कैसे देश के प्रधानमंत्रियों ने विभिन्न चुनौतियों के बावजूद देश को नई राह दी, सर्वांगीण प्रगति की दिशा में काम किया। पुराने और नए के संग्रहालय ब्लॉक I के रूप में पहचाने जाने वाले तत्कालीन तीन मूर्ति भवन को ब्लॉक II के रूप में पहचान रखने वाले नवनिर्मित भवन के साथ जोड़ा गया है। दो ब्लॉकों का कुल क्षेत्रफल 15,600 वर्ग मीटर से अधिक है।

राष्ट्र निर्माण की दिशा में भारत के सभी प्रधानमंत्रियों के योगदान को सम्मान देने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की दूरदर्शिता से निर्देशित, प्रधानमंत्री संग्रहालय स्वतंत्रता के बाद से भारत के प्रत्येक प्रधानमंत्री की विचारधारा अथवा कार्यकाल से इतर देश के प्रति उनके योगदानों के लिए एक श्रद्धांजलि है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में यह एक समावेशी प्रयास है, जिसका उद्देश्य युवा पीढ़ी को हमारे सभी प्रधानमंत्रियों के नेतृत्व, दूरदृष्टि और उपलब्धियों के प्रति संवेदनशील बनाना और प्रेरणा देना है।

पुराने और नए के सहज मिश्रण का प्रतिनिधित्व करते हुए, संग्रहालय ब्लॉक I के रूप में नामित तत्कालीन तीन मूर्ति भवन को ब्लॉक II के रूप में नामित नवनिर्मित भवन के साथ एकीकृत किया गया है। दो ब्लॉकों का कुल क्षेत्रफल 15,600 वर्ग मीटर से अधिक है।

यह भी जानें
संग्रहालय के भवन का डिजाइन नए भारत की कहानी से प्रेरणा लेकर तैयार किया गया है। डिजाइन में दीर्घकालिक और ऊर्जा संरक्षण से जुड़ी तकनीक को भी शामिल किया गया है। इस प्रोजेक्ट के लिए किसी भी पेड़ को काटा नहीं गया। वे जहां हैं, वहीं मौजूद हैं। संग्रहालय का लोगो राष्ट्र और लोकतंत्र के प्रतीक धर्म चक्र को धारण करने वाले भारत के लोगों के हाथों का प्रतिनिधित्व करता है।

ऐसे तैयार हुआ संग्रहालय
संग्रहालय के लिए जानकारियों को प्रसार भारती, दूरदर्शन, फिल्म प्रभाग, संसद टीवी, रक्षा मंत्रालय, मीडिया हाउस (भारतीय और विदेशी), विदेशी समाचार एजेंसियों आदि जैसे संस्थानों के संसाधनों/संग्राहकों की मदद से जुटाया गया है। इनमें प्रधानमंत्रियों के साहित्यिक कार्य, महत्वपूर्ण पत्राचार, कुछ व्यक्तिगत वस्तुएं, उपहार और यादगार वस्तुएं (सम्मान पत्रों, सम्मान, प्रदान किए गए पदक, स्मारक टिकट, सिक्के, आदि), प्रधानमंत्रियों के भाषण और उनकी विचारधाराओं से जुड़े दस्तावेज आदि रखे गए हैं।

 

Related Articles

Back to top button