कोविड की नई लहर से निपटने की तैयारी,जुलाई-अगस्‍त में चौथी लहर!

मुंबई
 मुंबई में कोविड के बढ़ते मामले के साथ ही संक्रमित रोगियों में से कई ने दस्त और हाई फीवर के लक्षणों की शिकायत की है। संक्रमण के इस नए पैटर्न की रोग संबंधी विशेषताओं को समझने के लिए एक अध्ययन किया जा रहा है। इस अध्ययन का भार बीएमसी ने कोविड समर्पित सेवन हिल्स अस्पताल को सौंपा है। यह अध्ययन कोविड की नई लहर से निपटने की तैयारी की जा रही है।

विशेषज्ञों ने कोरोना की चौथी लहर जुलाई या अगस्त महीने में आने की आशंका जताई है। इस आशंका के साथ ही हाल ही में आयी जीनोम सिक्वेंसिंग की रिपोर्ट में 99 फीसद सैंपल में ओमीक्रोन के सब-वेरिएंट्स पाए गए हैं। इतना ही नहीं, इन संक्रिमतों में से अधिकांश मरीजों में लक्षण पिछली लहरों के विपरीत मिले हैं। दूसरी लहर में जब डेल्टा वेरिएंट का प्रकोप था, उस समय अधिकांश रोगी श्वसन संबंधी समस्याओं से पीड़ित थे। लेकिन, उत्परिवर्तित ओमिक्रॉन संस्करण के आगमन के बाद से रोगियों में आंत संबंधी बीमारियां और तेज बुखार अधिक आम हो गए हैं।

नए लक्षणों से कैसे निपटा जाए, बताएगी स्‍टडी
लक्षणों की इस नई प्रवृत्ति को ध्यान में रखते हुए सेवन हिल्स अस्पताल ने भर्ती मरीजों पर एक अध्ययन करने का फैसला किया गया है। यह अध्ययन 15 मई से यहां भर्ती हो रहे मरीजों पर किया जा रहा है। सेवन हिल्स अस्पताल की डेप्युटी डीन डॉ. स्मिता चव्हाण ने बताया कि वायरस परिवर्तित होते रहते हैं और संक्रमण का पैटर्न भी बदल जाता है। इसीलिए यह समझना जरूरी है कि महामारी के स्तर पर ये बदलाव कैसे हो रहे हैं? उन्होंने बताया कि हम मरीजों की प्रफाइल और उनसे जुड़े लक्षणों पर एक अध्ययन करेंगे। फिलहाल, केस कम हो रहे हैं। इस अध्ययन की मदद से हम नए लक्षणों से निपटने के लिए तैयार हो जाएंगे।

संक्रमण के बदलते पैटर्न में यह समझना जरूरी है कि महामारी के स्तर पर ये बदलाव कैसे हैं? फिलहाल, केस कम हो रहे हैं, लेकिन हम मरीजों की प्रफाइल और लक्षणों पर अध्ययन की मदद से इस महामारी से निपटने में ज्यादा सक्षम होंगे।
डॉ. स्मिता चव्हाण, डेप्युटी डीन (सेवन हिल्स अस्पताल)

संक्रमण दर बढ़ी, पर स्थिति बेहतर
एम्स के पूर्व डायरेक्टर डॉ. एम सी मिश्रा कहते हैं, कोविड के मामले और संक्रमण दर मई से धीरे-धीरे बढ़ रहे हैं, मगर फिर भी हमारी स्थिति बेहतर है। इस वक्त वायरस खतरनाक नहीं है, नया गंभीर वैरिएंट भी नहीं है। अस्पतालों में भी ज्यादा मरीज नहीं हैं। जो संक्रमित हो रहे हैं, उन्हें बुखार, खांसी, कमजोरी जैसे सामान्य लक्षण आ रहे हैं। मगर यकीनन हमें कोविड प्रोटोकॉल का पालन करना बहुत जरूरी है। जब भी बाहर जाएं तो मास्क, सैनिटाइजर जरूर साथ हो। भीड़ में जाने से बच सकें, तो बचें। वैक्सीन नहीं ली है, तो जरूर लें। और अगर बूस्टर डोज लेना बाकी है, तो जल्द लें। हमें समझना चाहिए कि हम वैक्सीन और बूस्टर डोज से चाहे संक्रमित होने से ना भी बचें, मगर गंभीर रूप से बीमार होने से जरूर बच सकते हैं।

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