राजस्थान: पुलिस अधिकारी के सोशल मीडिया पोस्ट पर विवाद, रामायण और महाभारत को बताया मिथकीय ग्रंथ

जयपुर
राजस्थान पुलिस सेवा (RPS) के अधिकारी हरिचरण मीणा (Haricharan Meena) अपनी सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर खूब विवादों में हैं। दरअसल, मीणा ने सोशल मीडिया पर चार विवादास्पद टिप्पणियां की हैं। एक पोस्ट में उन्होंने रामायण और महाभारत को एक मिथकीय ग्रंथ बताया है। उन्होंने दावा किया कि इनकी इतिहास में प्रमाणिकता स्वीकार नहीं है।

मीणा ने चार विवादित टिप्पणियां की
एक टिप्पणी में हरिचरण मीणा ने लिखा कि टीम मानवतावादी विश्व समाज की अवधारणा अब सामने आ रही है। रामायण और महाभारत मिथकीय ग्रंथ हैं। इतिहास में इनकी प्रमाणिकता स्वीकार्य नहीं है। फिर उन्होंने लिखा कि देखो इनका भी जलवा, अंधविश्वास, पाखंडवाद और सामाजिक कुरूतियां। तीसरी में लिखा कि नियम और कानून से जनता को सरकारी अधिकारी आगाह करें। वहीं, चौथी टिप्पणी में मीणा ने लिखा कि जब आर्य संस्कृति का उत्तर भारत से दक्षिण में गमन हुआ तो वहां के आदिवासी राजाओं, योद्धाओं, बाली, सुग्रीव, अंगद, जामवंत व हनुमान जैसों को बंदर,भालू के समान दर्जा दिया गया था।

सोशल मीडिया पोस्ट की आलोचना
सोशल मीडिया पर पुलिस अधिकारी के इस तरह की टिप्पणी किए जाने को लेकर विवाद हो गया है। राजस्थान सर्व ब्राह्मण महासभा ने इसका विरोध किया है। सर्व ब्राह्मण महासभा के अध्यक्ष सुरेश मिश्रा ने कहा कि सरकार में बैठे अधिकारियों द्वारा हिंदू देवी-देवताओं एवं धार्मिक ग्रंथों के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी करना गलत है। सरकार को इनके खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।

पहले भी हुए ऐसे विवाद
उल्लेखनीय है कि इससे पहले राजस्थान प्रशासनिक सेवा (RAS) के दो अधिकारियों केसरलाल मीणा और लक्ष्मीकांत बालोत ने इंटरनेट मीडिया पर विवादास्पद पोस्ट की थी । मीणा ने ब्राह्मण समाज, हनुमानजी सहित अन्य देवी-देवाताओं को लेकर टिप्पणी की थी। वहीं, बालोत ने सवाल किया था, अहिल्या के साथ दुष्कर्म किसने किया था।

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