एफएसएल रिपोर्ट में खुलासा, कार के आगे के बाएं पहिए में फंसा था अंजलि का पैर

दिल दहलाने वाली वारदात में की तस्वीर काफी हद तक साफ हो चुकी है तो कई सवाल अब भी कायम हैं। कार के अगले पहिये में खून के निशान मिले हैं। कार के अंदर होने के सबूत नहीं मिले।

नई दिल्ली
दिल्ली के कंझावला केस में फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) ने बुधवार को कहा कि महिला वाहन के अगले बाएं पहिए में फंसी हुई थी। एफएसएल सूत्रों ने कहा, अभी तक यह पता चला है कि महिला वाहन के अगले बाएं पहिए में फंसी हुई थी। टीम को पहिये के आसपास और कार के नीचे के अन्य हिस्सों पर भी खून के धब्बे मिले हैं।

एफएसएल ने पांचों आरोपियों के ब्लड सैंपल की रिपोर्ट, घटना स्थल से लिए गए ब्लड सैंपल और क्राइम सीन के रीक्रिएशन के आधार पर रिपोर्ट तैयार की है।

बुधवार को क्राइम सीन रिपोर्ट पुलिस को सौंपे जाने की संभावना है।

स्कूटी चला रही अंजलि को आरोपी सुल्तानपुरी से कंझावला तक घसीटते हुए ले गए। बताया जा रहा है कि पीड़िता के कपड़े कार के पहिए में अटक गए थे।

पुलिस ने घटना के समय कार में सवार पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। उनकी पहचान दीपक खन्ना, अमित खन्ना, कृष्ण, मिट्ठू और मनोज मित्तल के रूप में हुई है।

25 वर्षीय अमित उत्तम नगर में एसबीआई कार्ड के साथ काम करता है। वहीं 27 वर्षीय कृष्ण स्पेनिश कल्चर सेंटर में काम करता है, जबकि 26 वर्षीय मिथुन हेयरड्रेसर है, इसके अलावा 27 वर्षीय मनोज मित्तल सुल्तानपुरी में राशन डीलर का काम करता है। वह खुद को बीजेपी का कार्यकर्ता भी बताता है।

पुलिस ने इस केस में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें बस ड्राइवर का काम करने वाला दीपक खन्ना (26), एसबीआई कार्ड्स में काम करने वाला अमित खन्ना (25), स्पैनिश कल्चर सेंटर में काम करने वाला कृषण (27), हेयरड्रेसर मिथुन कुमार (26) और राशन डीलर (27) मनोज मित्तल शामिल है।

बताया जा रहा है कि आरोपियों ने 20 साल की अंजलि की स्कूटी को टक्कर मार दी थी। अंजलि अपनी दोस्त निधि के साथ पार्टी मनाने के बाद घर लौट रही थी। निधि को मामूली चोटें आईं और वह यहां से उठकर घर चली गई। अंजलि कार के नीचे फंस गई और आरोपी उसे घसीटते हुए ले गए। निधि का कहना है कि कार में सवार लोगों को यह पता था कि अंजलि उनकी गाड़ी के नीचे आ गई है फिर भी उसे घसीटते हुए उसे ले गए।

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